योगी सरकार: सख्ती ने निकाली श्रीकांत त्यागी की गर्मी, कान पकड़ने को तैयार

 


 नई दिल्ली. नोएडा की एक सोसायटी में महिला के सामने अपनी ताकत और गुंडई का इजहार करने वाले गालीबाज श्रीकांत त्यागी का जोश अब ठंडा पड़ गया है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद उसकी पूरी हेकड़ी निकल गई है और शरीफों की तरह बातें करने लगा है। चार दिन बाद नोएडा पुलिस के हत्थे चढ़े श्रीकांत त्यागी ने कहा है कि उसे अपनी गलती का अहसास है और वह उस महिला से माफी मांगने को तैयार है। पीड़ित महिला को अब अपनी 'बहन' बता रहे त्यागी ने कहा है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी को किसी महिला के खिलाफ नहीं करनी चाहिए।

त्यागी ने हिन्दुस्तान से बातचीत में अपनी गलती मानी और कहा कि वह माफी मांगने को तैयार है। उसने कहा, ''समाज में महिलाओं को सम्मान की नजर से देखा जाता है। निश्चित तौर पर मुझसे गलती हुई। यह गलती मुझसे हुई तो अहसास हुई, मुझे लगता है कि इसके मुझे माफी मांगनी पड़े तो मैं अभी ऐसा करने को तैयार हूं। मैंने आवेश में आकर जो मैंने अभद्र तरीके से बोल दिया। मुझे भी अंदर ही अंदर अहसास हुआ कि किसी से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल जीवन मे में किसी के लिए नहीं करना चाहिए।''

प्राइम लोकेशन चार्ज देने की दलील
श्रीकांत ने उस दिन हुए विवाद को लेकर कहा कि जिस जगह 15 पाम ट्री लगे हुए थे वह एक एरिया है जो बिल्डर ने नोएडा अथॉरिटी से परचेज किया था और इसके प्राइम लोकेशन चार्ज लेकर फ्लैट पायर्स को बेचा था। 2013-14 में जब रजिस्ट्री कराई तो उसमें इसका जिक्र है। 5 फीसदी पीएलसी लेकर बालकनी के सामने ग्रीन एरिया दिया गया था।

योगी सरकार की सख्ती से निकली गर्मी
दरअसल, अब तक राजनीतिक धौंस दिखाकर लोगों को डराते-धमकाते आ रहे श्रीकांत को इस तरह अपने खिलाफ सख्ती का अनुमान नहीं था। जिस तरह योगी सरकार ने उसके खिलाफ बुलडोजर ऐक्शन का आदेश दिया और ईनाम घोषित करते हुए 12 टीमें लगा दीं, उसके बाद ना सिर्फ सरकार ने काफी हद तक डैमेज कंट्रोल किया बल्कि श्रीकांत भी 'गर्मी' निकल गई है। भाजपा यह संदेश देने में भी कामयाब रही है कि उसका बुलडोजर सबके खिलाफ गरजता है।