बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने दिल्ली में आोमप्रकाश माथुर से की मुलाकात

 


 जयपुर. राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने आज दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ओमप्रकाश माथुर से मिलकर कुशलक्षेम पूछी, और ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। डॉ. सतीश पूनियां जी आज 6 अगस्त दोपहर 12:00 बजे नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी द्वारा एफपीओ की प्रगति को लेकर राजस्थान के सांसदों के साथ आयोजित की गई बैठक में शामिल होंगे। साथ ही नई दिल्ली में प्रदेश के सांसदों के साथ घर घर तिरंगा अभियान की चर्चा करेंगे। शाम को केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी जी के यहाँ एनडीए उपराष्ट्रपति उम्मीदवार जगदीप धनखड जी के अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। 

गहलोत सरकार पर हमलावर है पूनिया

उल्लेखनीय है कि सतीश पूनिया पार्टी को मजबूत करने के लिए पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के 7 जिलों में 6 दिवसीय प्रवास पर रहे थे। सतीश पूनिया गहलोत सरकार को महिला अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते रहे हैं। पूनिया ने धौलपुर एवं भरतपुर का दौरा किया था। भरतपुर जिले के उदय विलास स्थल पर व्यापारियों- उद्यमियों, शिक्षाविदों, डॉक्टर्स, सीए, सेना के पूर्व अधिकारियों सहित प्रबुद्धजनों से आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर संवाद किया था। पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश में 20 करोड़ और राजस्थान में 50 लाख तिरंगा घरों पर लगाए जाएंगे। डॉ. पूनियां ने बयाना-रूपवास विधानसभा क्षेत्र के रूपवास मंडल में कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए आह्वान किया कि 15 अगस्त पर आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हर घर पर तिरंगा लगाएं और सभी को अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने के लिए प्रेरित करें।  

भाजपा ने की चुनावी तैयारी शुरू

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 के अंत में होने है, लेकिन भाजपा ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा नेता गहलोत सरकार को घेरने के लिए कोई मुद्दा नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पार्टी में खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। सतीश पूनिया ने हाल ही में राजधानी जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 70 साल के लोगों को राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए। उनका इशारा वसुंधरा राजे की तरफ माना जा रहा है। हालांकि, सतीश पूनिया ने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है।