बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से खुद के देश के पीएम बनने की रेस में होने के सवाल पर जवाब दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि मैं हाथ जोड़कर कहता हूं कि मेरी ऐसी कोई इच्छा नहीं है। मेरा काम यह है कि सभी लोगों के लिए काम कर सकूं। 8वीं बार बिहार के सीएम की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने कहा कि मैं इस बात के लिए प्रयास करूंगा कि सभी विपक्षी दल एक साथ आ जाएं। यदि सभी विपक्षी दल इस बात पर राजी होते हैं और साथ में आते हैं तो फिर यह अच्छी बात होगी। नीतीश कुमार ने शपथ लेते ही नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना ही उन पर हमला किया था कि 2014 में आने वाले 2024 में रहेंगे क्या?

  आज इसी पर सवाल पूछने पर नीतीश कुमार ने कहा, 'देखिए, भाई हम हाथ जोड़कर एक बात कह दें कि हमारे मन में भी ऐसी कोई बात नहीं है। हमारे नजदीक भी कोई यह दे तो हम हाथ जोड़ लेते हैं। हम चाहते हैं कि सबके लिए काम करें और एक अच्छा माहौल तैयार किया जाए।' यही नहीं नीतीश कुमार ने बिहार सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर भी कहा है कि जल्दी ही यह होगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद किसी भी दिन मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार सब लोग बैठकर बात कर लेंगे, फिर उसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।

उनकी इस टिप्पणी को पीएम बनने की महत्वाकांक्षा से जोड़ा गया था और चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि वह 2024 के आम चुनाव में विपक्ष का चेहरा बनना चाहते हैं। हालांकि शुक्रवार को एक बार फिर से उन्होंने इस बात से इनकार कर दिया। नीतीश कुमार ने कहा, 'हम हर किसी को एक करना चाहते हैं। मैं सकारात्मक काम कर रहा हूं। मुझे बहुत से सारे फोन आ रहे हैं। मैं हर चीज कर रहा हूं। मैं सब कुछ करूंगा, लेकिन सबसे पहले यहां पर अच्छे से काम करना है।' हालांकि नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता की ख्वाहिश जताकर और उसके लिए काम करने की बात कहकर साफ कर दिया है कि वह 2024 के लिए विपक्ष की धुरी बनना चाहते हैं।