गालीबाज श्रीकांत त्यागी जेल में ही रहेगा, सूरजपुर कोर्ट से जमानत याचिका खारिज

 


नोएडा के ओमैक्स सोसायटी में महिला से बदसलूकी के मामले में गालीबाज श्रीकांत त्यागी को अभी जेल में ही रहना होगा। सूरजपुर अदालत ने गुरुवार को श्रीकांत त्यागी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खुद को भाजपा नेता बताने वाले श्रीकांत त्यागी को पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे नोएडा में सूरजपुर अदालत में पेश किया गया था। 

श्रीकांत त्यागी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वो महिला के साथ बदसलूकी करता नजर आया था। बाद में उसे लेकर कई बातों का खुलासा हुआ था। पता चला था कि वो अक्सर सोसायटी में रहने वाले लोगों पर धौंस जमाता था। बॉडीगार्ड लेकर चलने वाला श्रीकांत त्यागी खुद को नेता बताता था। 

पुलिस की 12 टीमों और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने तीन राज्यों में श्रीकांत त्यागी की तलाश की। उसका पता मेरठ से लगाया गया, जहां पुलिस ने उसे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। नोएडा की एक सोसायटी में महिला के सामने अपनी ताकत और गुंडई का इजहार करने वाले गालीबाज श्रीकांत त्यागी का जोश अब ठंडा पड़ गया है।

पुलिस गिरफ्त में आने के बाद उसकी पूरी हेकड़ी निकल गई है और शरीफों की तरह बातें करने लगा है। चार दिन बाद नोएडा पुलिस के हत्थे चढ़े श्रीकांत त्यागी ने कहा है कि उसे अपनी गलती का अहसास है और वह उस महिला से माफी मांगने को तैयार है।

गाड़ी पर विधानसभा स्टीकर लगा हुआ था

श्रीकांत त्यागी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि उसकी गाड़ी पर जो विधानसभा सचिवालय का स्टीकर लगा था, वो स्टीकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने उसे दिया था। दरअसल, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीकांत त्यागी की पांच गाड़ियों को सीज किया है। जिनमें से एक पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ मिला था।

नोएडा के ग्रैंड ओमैक्स सेक्टर 93B में रहने वाले श्रीकांत त्यागी को लेकर सोसायटी के लोगों कहा था कि उसका रवैया किसी गुंडे से कम नहीं था। वो सोसायटी में लोगों पर रौब जमाता था। महिला से बदतमीजी करते और उन्हें गाली देते जब उसका वीडियो सामने आया तब उसपर पुलिस-प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया। खुद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकांत त्यागी पर कड़ा एक्शन लेने के आदेश दिये थे। प्रशासन ने उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर भी चलाया था।

जेल में कैसी गुजरी रात

लुक्सर जेल में श्रीकांत को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकांत को सुरक्षा के मद्देनजर हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उन्होंने जेल प्रशासन से दो कंबल और एक चादर लिया है। जेल से मिली जानकारी के अनुसार बीती रात श्रीकांत ने जेल का खाना नहीं खाया था। लेकिन सुबह उसे जेल प्रशासन द्वारा दिया गया नाश्ता और खाना लिया।