सुकमा : गांव में अज्ञात बीमारी से 61 ग्रामीणों की हो चुकी है मौत 20 दिन बाद पहुंची स्वास्थ्य टीम

 


सुकमा। छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा ब्लाक का रेगड़गट्टा गांव में अज्ञात बीमारी से 61 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। इस दौरान कई ग्रामीण हाथ-पैर में सूजन की बीमारी से पीड़ित थे। एक अखबार में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था, जिसके बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीमारी से ग्रसित लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद वापस भेज दिया गया। अभी हालात समान्य है, लेकिन मेडिकल की टीम 20 दिनों बाद गांव पहुंची। वहीं उससे पहले पहुंचे मंत्री कवासी लखमा ने ग्रामीणों से मुलाकात की और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की बात कही थी।

करीब 20 दिनों के बाद मेडिकल कालेज जगदलपुर की टीम रेगड़गट्टा गांव पहुंची। जहां मेडिकल टीम ने बीमारी से पीड़ित ग्रामीणों का खून व अन्य सैंपल लिया। उसके अलावा ग्रामीणों के खान-पान की भी जांच की और गांव में बनने वाली शराब का भी सैंपल लिया। दिनभर गांव में रूकी टीम ने अलग-अलग सैंपल लिया और बीमारी से पीड़ित मरीजों से विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उसके बाद देर शाम को टीम जिला मुख्यालय पहुंची व दूसरे दिन यानी की गुरुवार को वापस जगदलपुर के लिए रवाना हो गई। मेडिकल टीम एक अगस्त को प्रभावित गांव रेगड़गट्टा के लिए जाने वाली थी लेकिन उस समय नक्सल मुठभेड़ होने के कारण टीम कोंटा से वापस आ गई। उसके बाद फिर 20 दिन बाद बुधवार को गांव तक पहुंची और सैंपल लेकर वापस लौट गई।

मंत्री कवासी लखमा गए थे गांव

मंत्री कवासी लखमा 12 अगस्त को भेजी पहुंचे थे वहां से दुपहिया पर सवार होकर रेगड़गट्टा गए थे। जहां पर ग्रामीणों से मुलाकात की और बीमारी को लेकर विस्तृत जानकारी ली। वहीं ग्रामीणों से बेहतर इलाज करने व मेडिकल टीम भेजने की बात कही थी। साथ ही ग्रामीणों को कहा था कि सैंपल देने व इलाज में सहयोग करे। जिसके बाद मेडिकल टीम गांव पहुंची और सेंपल लेकर वापस लौटी।