मुंबई : महाराष्ट्र के गोंदिया में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को एक पैसेंजर ट्रेन ने मालगाड़ी में टक्कर मार दी, जिससे 50 से अधिक सवारी घायल हो गए. यह घटना मंगलवार की रात करीब ढाई बजे की है. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस ट्रेन हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. बताया जा रहा है कि पैसेंजर ट्रेन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से राजस्थान के जोधपुर जा रही थी. तभी रात में वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई. समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के गोंदिया में मंगलवार की रात करीब 2.30 बजे एक पैसेंजर ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 50 से अधिक लोग घायल हो गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेन के बीच हुई टक्कर के कारण यह हादसा हुआ. हालांकि, घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं है. ट्रेन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से राजस्थान के जोधपुर जा रही थी. एजेंसी की रिपोर्ट में बताया गया है कि महाराष्ट्र के गोंदिया में यह ट्रेन दुर्घटना मालगाड़ी और यात्री ट्रेन भगत की कोठी के बीच सिगनल न मिलने के कारण हुई. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में घायल यात्रियों को गोंदिया जिले के सरकारी और निजी अस्पताल में ले जाया गया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि यह दोनों ही ट्रेनें एक ही दिशा की ओर से यानी यानी नागपुर की ओर जा रही थी. बिहार के मोतीहारी में धूं-धूंकर जलने लगी चलती ट्रेन, इधर-उधर कूदने लगे यात्री, बड़ा हादसा टला Also Read बिहार के मोतीहारी में धूं-धूंकर जलने लगी चलती ट्रेन, इधर-उधर कूदने लगे यात्री, बड़ा हादसा टला भगत की कोठी ट्रेन ग्रीन सिगनल मिलने के बाद आग जा रही थी, लेकिन गोंदिया शहर से पहले मालगाड़ी को सिगनल नहीं मिला था और वह पटरी पर खड़ी थी. इसकी वजह से भगत की कोठी ट्रेन उससे पीछे से जा टकराई और ये हादसा हो गया. उधर, भारतीय रेलवे ने जानकारी दी है कि गोंदिया में सुबह 4.30 बजे री-रेलमेंट का काम पूरा हो गया. प्रभावित ट्रेन सुबह 5.24 बजे साइट से रवाना हुई. सुबह 5.45 बजे अप एंड डाउन ट्रैफिक बहाल किया गया. मामूली रूप से घायल हुए 2 लोगों का इलाज किया गया और उन्हें एक ही ट्रेन से छोड़ दिया गया.

 


भारत और पाकिस्तान के बीच यदि न्यूक्लियर वॉर छिड़ती है तो 2 अरब से ज्यादा लोग मारे जा सकते हैं। रटगर्स यूनिवर्सिटी की ओर से की गई एक स्टडी में यह दावा किया गया है। स्टडी में कहा गया है कि यदि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु जंग होती है तो दो साल के अंदर दुनिया की तीन चौथाई आबादी ही खत्म हो सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि 5 अरब से ज्यादा लोगों की जान जा सकती है। यही नहीं रिसर्च में कहा गया है कि यदि इन दो महाशक्तियों के बीच छोटे स्तर पर भी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है तो भी बड़े पैमाने पर लोग भुखमरी का शिकार हो सकते हैं।  

यही नहीं भारत और पाकिस्तान जैसे देश भी यदि न्यूक्लियर वॉर में उतरते हैं तो उससे भी दुनिया में खाद्यान्न की सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित होगी। इसके अलावा 2 अरब के करीब लोगों की जानें भी जा सकती हैं। इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने आकलन किया है कि यदि न्यूक्लियर वॉर होता है तो कितना मलबा इकट्ठा होगा। इसके अलावा अमेरिका, रूस, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों पर क्या असर होगा।

यही नहीं इससे खाद्यान्न की आपूर्ति और उसके उत्पादन पर क्या असर होगा। इसकी भी स्टडी की गई है। स्टडी में कहा गया है कि परमाणु युद्ध होने की दशा में वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न, मांस, मछली आदि की सप्लाई में 90 फीसदी तक की कमी आ सकती है।