आज रिमझिम बारिश के आसार

 रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर ।

असल बात न्यूज़।। 

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        00  मौसम रिपोर्ट    

छत्तीसगढ़ राज्य में आज भी जगह-जगह दिनभर रिमझिम बारिश होने के आसार हैं। अभी भारी बारिश होने की अधिक संभावना नहीं है।  मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है लेकिन कुछ कमजोर नजर आ रही है। दोपहर में धूप निकलने की संभावना है। ऐसे मौसम में तापमान में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट आ सकती है। बस्तर संभाग और अंबिकापुर संभाग के पहाड़ी इलाके में भी धूप खुलेगी। उत्तर पूर्व के इलाकों से पानी की बूंदों से अटे बादलों के आने से मौसम में फिर परिवर्तन आएगा। 

फिलहाल उत्तर पूर्व से मध्य भारत की ओर मानसून के बादल तेजी से बढ़ते हुए दिख रहे हैं। इनके पहुंचने से मानसून की सक्रियता और बढ़ जाएगी तथा फिर भारी बारिश होगी। अभी इतनी बारिश हो गई है कि खेतों को पर्याप्त पानी मिल गया है। उसके बाद छत्तीसगढ़ में लगभग सभी स्थानों पर कृषि कार्य तेज हो गए हैं। बुवाई का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है। नदी नालों में लबालब पानी भर गया है। कई जगह नदी नाले उफान पर हैं। उफान के चलते कई स्थानों पर नदी नालों में लोगों के बह जाने की भी खबर है। दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के छोटे पुल पर एक कार के बह जाने की खबर आ रही हैं जिस में कितने लोग सवार थे, पता नहीं चल सका है। 

छत्तीसगढ़ में चालू मानसून सत्र में एक जून 2022 से अब तक राज्य में 440.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज 18 जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1105.9 मिमी और बलरामपुर जिले में सबसे कम 140.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। प्रदेश में पिछले दस वर्षों के आधार पर अब तक वर्षा का औसत 377.9 मि.मी. है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 160.9 मिमी, सूरजपुर में 229.9 मिमी, जशपुर में 174.7 मिमी, कोरिया में 249.4 मिमी, रायपुर में 308.3 मिमी, बलौदाबाजार में 410.4 मिमी, गरियाबंद में 525.8 मिमी, महासमुंद में 465.5 मिमी, धमतरी में 548.7 मिमी, बिलासपुर में 455.7 मिमी, मुंगेली में 496.3 मिमी, रायगढ़ में 375.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 511.8 मिमी, कोरबा में 323.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 445.5 मिमी, दुर्ग में 430.4 मिमी, कबीरधाम में 422.0 मिमी, राजनांदगांव में 508.7 मिमी, बालोद में 604.1 मिमी, बेमेतरा में 324.6 मिमी, बस्तर में 537.2 मिमी, कोण्डागांव में 536.2 मिमी, कांकेर में 629.6 मिमी, नारायणपुर में 463.3 मिमी, दंतेवाड़ा में 528.5 मिमी और सुकमा में 427.5 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई। 

बीजापुर जिले  में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित की गयी है। किसी भी प्रकार के बाढ़ राहत से संबंधित सहायता हेतु नियंत्रण कक्ष में सूचना दी जा सकती है। जिससे समय पर आवश्यक सहायोग एवं बचाव कार्य किया जा सकेगा। नियंत्रण कक्ष को सुचारू रूप से संचालन हेतु नामजद नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। जिलास्तर पर बाढ़ नियंत्रण अधिकारी डिप्टी कलेक्टर डॉ. हेमेन्द्र भूआर्य को नियुक्त किया गया है। जिसका संपर्क नम्बर +91-9399952311 है। वहीं जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष का संपर्क नंबर +91-7853-220291 एवं +91-7587291848 है। तहसील स्तर पर तहसील बीजापुर उसूर एवं गंगालूर के नोडल अधिकारी तहसीलदार श्री दुकालू राम ध्रुव संपर्क नंबर +91-9343325429, भैरमगढ़ हेतु प्रभारी तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल संपर्क नंबर +91-9300350093, भोपालपटनम हेतु डीप्टी कलेक्टर श्री यशवंत कुमार नाग संपर्क नंबर 9329781207, तहसील कुटरू हेतु प्रभारी तहसीलदार फणेश्वर सोम संपर्क नंबर +91-9770609423 पर संपर्क किया जा सकता है। बाढ़ आपदा से निपटने एवं आवश्यक सहयोग के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। किसी भी प्रकार की समस्या हेतु नोडल अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है।

महासमुंद जिले में मानसून के चलते बारिश से राज्य के कुछ ज़िलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। बाढ़ की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा है। कुछ ज़िलों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं। इन हालातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) किसानों के बड़े काम की है। किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपनी फसल का बीमा करवा कर आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है।    

    पीएमएफबीवाई  में रजिस्ट्रेशन करना बहुत आसान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान आगामी 31 जुलाई तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अपनी खरीफ की फसलों का बीमा करवा सकते हैं। इसके लिए किसानों को नाम मात्र का प्रीमियम देना होगा। योजना को लेकर प्रशासन की ओर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कृषि अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है, जिसके अनुसार कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि 1100 रुपए धान सिंचित एवं 840 रुपए धान असिंचित हेतु प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा।
   कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिला में खरीफ मौसम की फसलों के लिए किसान आगामी 31 जुलाई तक बीमा करा सकते हैं। योजना के तहत कोई भी किसान अपनी फसल का बीमा करा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले बीमा कराने की योजना ऋणी व गैर ऋणी किसानों के लिए अलग-अलग निर्धारित थी। जिसके तहत बैंक से ऋण लेकर खेती करने वाले किसान का बैंक, स्वयं पैसा काटकर उनकी फसल का बीमा कर देते थे, लेकिन अब सरकार ने उन किसानों के लिए भी इसमें छूट प्रदान की है। अगर किसान ने अपने खेत में बोई वास्तविक फसल की जगह गलती से दूसरी अन्य फसल का बीमा हो गया या करा लिया है तो किसान संबंधित बैंक को फसल बदलने की सूचना 29 जुलाई तक अवश्य भेज दें ताकि बाद में बीमा क्लेम के समय किसी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े।
   उन्होंने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कई फायदे है। योजना के तहत प्राकृतिक आपदा से किसानों को होने वाले नुकसान जैसे आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, जलभराव व अन्य प्राकृतिक कारणों से होने वाले नुकसान के लिए बीमित फसल का मुआवजा दिया जाता है। फसल नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को निर्धारित प्रारूप में फसल खराब होने की सूचना देना आवश्यक है।