पाँच दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला निखार का समापन

 

भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महावि़द्यालय में प्रबंधन विभाग एवं आई.एन.आई.एफ.डी (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन) भिलाई के संयुक्त तत्वाधान में पाँच दिवसीय स्किल डेवलपमेंट एंड ग्रुमिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप के चौथे दिन शीघ्र पार्टी मेकअप सिखाया गया जिसमें प्रशिक्षक श्रीमति शबनम खान थी। 

शबनम खान ने बारीकी से मेकअप के बारे में विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में आप कैसे अपने आप को सुंदर रख सकतेे है। उन्होंने बताया कि ज्यादा पानी पीने से त्वचा लम्बे समय तक अच्छी रहती है। नेचुरल मेकअप की शुरुआत सबसे पहले माइस्चराइजर से होती है फिर बी.बी.क्रीम लगाई जाती है, उसके बाद कॉम्पेक्ट पाउडर लगाया जाता है और आखिर में ब्रश और हाइलाइटर से टचअप किया जाता है। फेस्टिव मेकअप की शुरुआत प्राइमर के साथ होती है और फिर फाउंडेशन और लुक पाउडर लगाया जाता है और आखिरी में आई शैडो, आई लाईनर लगाया जाता है। उन्होंने सेजल चन्द्राकर बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा पर सिम्पल पार्टी मेकअप बताया।

वर्कशॉप के पाँचवे दिन फैशन स्टाईलिंग सेशन रखा गया जिसमें रिसोर्स पर्सन हर्षा चन्द्रिकापुरी थी। उन्होंने एक स्कार्फ को अलग-अलग तरीके से कैसेे बांधा जा सकता है बताया तथा उन्होंने साड़ी पहनने के कई पैटर्न बताया जैसे-मराठी, गुजराती, बंगाली, उड़ीया और अनेक प्रकार के इंडो वेस्टर्न साड़ियाँ। उन्होंने बताया की स्टाइलिंग से खुद में कॉंफिडेंस आता है। मुख्य फैशन स्टाइलिंग में उन्होंने बताया कि ड्रेस के साथ एक्ससरीज का कैसे इस्तेमाल करना चाहिए जैसे वॉच, ब्रेसलेट आदि। 

वर्कशॉप के समापन समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. मोनिषा शर्मा सीओओ श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग भिलाई एवं गेस्ट ऑफ ऑनर मिसेस टीना खंडेलवाल डायरेक्टर आईएनआईएफडी थी। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई जिसके बाद श्रीमती खुशबू पाठक विभागाध्यक्ष प्रबंधन ने कहा पाँच दिन चलने वाले वर्कशॉप का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया एवं उसके उपादेयता पर प्रकाश डालते हुये बताया विद्यार्थियों को इससे लाभ होगा।

मुख्य अतिथि डॉ. मोनिषा शर्मा ने आईएनआईएफडी की टीम को धन्यवाद दिया और कहा की स्कील से जुड़ी चीजें सीखने से विद्यार्थी रोजगार के नए विकल्पों से अवगत होते है।

आईएनआईएफडी की डायरेक्टर श्रीमती टीना खण्डेलवाल ने सभी विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया और कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कुछ ना कुछ हुनर जरुर होता है तथा हुनर को निखार कर हम अपनी एक अलग पहचान बना सकते है। महाविद्यालय के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा, ने कहा की ऐसे वर्कशॉप से विद्यार्थियों की लर्निंग स्किल्स में सुधार लाया जा सकता है और वे नई चीजें सीख पाते है।

प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि ऐसे कार्यशाला के आयोजन से विद्यार्थियों में नये कौशल सीखने की रुचि आती है एवं कौशल विकास से रोजगार के नये अवसर को जान पाते है।

महाविद्यालय द्वारा आईएनआईएफडी डायरेक्टर टीना खण्डेलवाल एवं आईएनआईएफडी की पूरी टीम को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

पाँच दिवसीय कार्यशाला के अपने अनुभव बताते हुए सिया कश्यप बीबीए पंचम सेमेस्टर की छात्रा ने कहा कि इन पाँच दिनों में उन्होंने काफी कुछ ऐसा सिखा जिसके बारे में वे पहले नहीं जानते थे।

सेजल चन्द्राकर बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा ने आईएनआईएफडी की ओर से  महाविद्यालय का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे वर्कशॉप भविष्य में भी होनी चाहिए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संयुक्ता पाढ़ी विभागाध्यक्ष अंग्रेजी, डॉ. सुनिवा वर्मा विभागाध्यक्ष हिन्दी, डॉ. शर्मिला सामल स.प्रा. वाणिज्य एवं दीपाली किंगरानी स.प्रा. प्रबंधन का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम में मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन दीपाली किंगरानी स.प्रा. प्रबंधन ने किया।