ससुर की सरपंची चलाएगी बहू, घर में आई सत्ता

 


भोपाल. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार को जिले की 222 पंचायतों में सरपंच प्रत्याशी और 50 जनपद सदस्यों के लिए चुनाव परिणाम की घोषणा की जा रही हैं। इन प्रत्याशियों में महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ पंचायत ऐसी हैं जहां अभी तक घर के पुरुष सदस्‍य संभाल रहे थे तो अब वहां

उनकी पत्‍नी या बहू सरपंच चुनकर आईं हैं। वहीं जनपद की बात करें तो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की बहू अब जनपद सदस्य का कार्यभार संभालेंगी। इसी तरह पूर्व फंदा जनपद अध्यक्ष ने भी दोबारा से जीत हासिल की है। इस बार पंचायत चुनाव में जीते हुए प्रत्याशियों में महिलाओं का खासा दबदबा है।

पुरानी पंचायत में ससुर थे सरपंच, नई की सरपंच बनी बहू

ग्राम नरोला सांकल में पहले सुरेश इंदौरिया सरपंच थे। बाद में इस ग्राम पंचायत से एक नई पंचायत पडरिया सांकल बना दी गई। इस पंचायत से सुरेश की बहू रोशनी इंदौरिया ने जीत हासिल की है। इस तरह अब उनकी बहू नई पंचायत संभालते हुए अपने ससुर की सत्ता को आगे बढ़ाएंगी। इसी तरह निपानिया सूखी से बनी नई पंचायत में गुड्डी करारीया सरपंच चुनी गई हैं। इससे पहले निपानिया सूखा में चंदन सिंह मीणा सरपंच थे। इधर बालमपुर पंचायत से आरती मीणा और खुरचुनी से कविता सरपंच चुनी गई हैं। फंदा में 96 पंचायतें हैं।

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हिम्मत सिंह गोयल की बहू बनी जनपद सदस्य

जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकीं मीना हिम्मत सिंह गोयल के देवर पदम सिंह गोयल की पत्नी रेखा ने वार्ड क्रमांक 24 से जनपद सदस्य के पद पर जीत हासिल की है। वहीं पूर्व फंदा जनपद की अध्यक्ष रह चुकी आरती यादव ने

वार्ड क्रमांक 15 से जीत हासिल की है। बताया जा रहा है उन्होंने दोबारा मतगणना करवाई थी।

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बच्चों को साथ लेकर पहुंचीं प्रत्याशी

जीत का प्रमाण पत्र लेने कुछ महिला प्रत्याशी अपने बच्‍चों को साथ लेकर ओल्‍ड कैंपियन स्‍कूल के सभाकक्ष में पहुंचीं। अब उनके कंधों पर घर, बच्चों के अलावा ग्राम संभालने का भी जिम्मा है।