उद्धव ठाकरे पर भी एकनाथ शिंदे गुट का हमला, जवाब देने उतरे संजय राउत

 


शिवसेना से बागी हुए एकनाथ शिंदे अब सीएम बन गए हैं और विधानसभा में भाजपा के साथ मिलकर बनी उनकी सरकार ने बहुमत भी साबित कर दिया है। इसके बाद भी शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच जुबानी जंग जारी है। इस बीच एकनाथ शिंदे गुट के नेता गुलाबराव पाटिल ने सीधे उद्धव ठाकरे पर ही निशाना साधते हुए उन्हें धृतराष्ट्र करार दिया है। इसके अलावा इशारों में ही संजय राउत समेत कई नेताओं को दरबारी बताया है। सोमवार को उन्होंने विधानसभा में कहा था, 'हम उद्धव ठाकरे से अपील करते हैं कि वे दरबारियों को हटा दें, जिन्होंने उन्हें धृतराष्ट्र बना दिया है। हमने आपको छोड़ा नहीं है बल्कि आपसे दूर कर दिया गया है।'

उन्होंने कहा था कि यदि 40 लोगों ने छोड़ा है तो फिर साफ है कि आग काफी वक्त से लगी हुई थी। वरना कोई अपने ही घर को यूं नहीं छोड़ता। अब बागी विधायक के बयान पर संजय राउत की प्रतिक्रिया सामने आई है। मंगलवार को उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिन 4 लोगों पर वो आरोप लगा रहे हैं, उन्हीं के चलते सत्ता में आए थे और आज बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो 4 लोग शिवसेना के वफादार हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे तो खुद ही फैसले लेते हैं। उद्धव ठाकरे कोई अजनबी नहीं थे। वह बालासाहेब ठाकरे के बेटे हैं, अपने फैसले खुद लेते हैं। पार्टी छोड़ने वाले बस बहाना चाहते हैं। संजय राउत ने बागियों से कहा, अब तुम पार्टी छोड़ चुके हो, अब अपना काम करो।

राउत बोले- शिवसेना के चुनाव में जीतेंगे 100 से ज्यादा विधायक

यही नहीं संजय राउत ने कहा कि शिवसेना आने वाले चुनाव में एक बार फिर से अपने 100 विधायक तैयार कर लेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ये लोग पार्टी को धोखा देकर गए हैं, उसे जनता ने देखा है और आने वाले चुनाव में शिवसेना के 100 से अधिक विधायक जीतेंगे। उन्होंने कहा कि विधायकों के छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता चले गए हैं। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने कल बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी, लेकिन वह इतिहास में एक अलग तरीके से दर्ज होंगे। संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के साथ अलग-अलग तरीकों से चर्चा करने की कोशिश की।

एकनाथ शिंदे ने भी विधानसभा में दिया था भावुक भाषण

गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे ने भी कल बहुमत परीक्षण के बाद विधानसभा में भावुक भाषण दिया था। उन्होंने कहा था कि मैंने बगावत नहीं की है बल्कि मिशन पर गया था। इसके अलावा उन्होंने विधान परिषद चुनाव के दौरान खुद से बदसलूकी किए जाने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मैंने तो इससे पहले भी 5 बार भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के प्रयास किए थे।