गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में बाघिन का मिला शव, जहर देकर मारने की आशंका

 


बैकुंठपुर । एक ओर जहां देश में बाघों की संख्या लगातार घट रही है, बाघों को बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तत्पर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में लोगों ने एक बाघिन को जहर देकर मार डाला, रामगढ़ पुलिस दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है । घटना के संबध में मिली जानकारी के अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलगवांकला में बाघिन का शव मिला है। सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी समेत कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले में 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि चार जून को उक्त बाघिन ने एक पालतू भैंस का शिकार किया था। इसी से आक्रोशित बताये जा रहे भैंस पालक ने भैंस के शव पर कीटनाशक का छिड़काव कर दिया था। इस दौरान दोबारा रात में जब बाघिन ने भैंस का मांस खाया जिसके बाद ही उसकी मौत हो गई। सुबह बाघिन का मृत भैंस के करीब ही मिला। विभाग द्वारा फिलहाल बाघिन के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। आगामी दिनो में इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी ।

उल्लेखनीय है कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को लंबी प्रतीक्षा के बाद विगत वर्ष ही टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया है। इसकी सीमा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगती है। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद भी यहां वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोई विशेष पहल अब तक नहीं की गई है।

पीएम के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

इस संबंध में राष्ट्रीय उद्यान के संचालक आर रामकृष्णा वाई का कहना है कि पीएम के बाद ही बाघिन की मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।