बिलासपुर के मंगला और मुंगेली के जरहागांव में पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों में मच गई खलबली

 


बिलासपुर. आयकर विभाग की केंद्रीय टीम ने गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दबिश दी। बिलासपुर के मंगला निवासी संजय जायसवाल और मुंगेली जरहागांव निवासी पारेख कुर्रे के घरों में टीम सर्वे करने पहुंची। इसके बाद शहर से लेकर गांव में खलबली मच गई। फिलहाल टीम दस्तावेज खंगालने के साथ चल-अचल संपत्ति की जांच कर रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय टीम ने छत्तीसगढ़ में 40 जगहों पर एक साथ सर्वे की कार्रवाई की है। इसमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं जो कोयले के कारोबार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। अनुपातहीन संपत्ति की शिकायतों पर आयकर विभाग की दिल्ली से आई टीमों ने बिलासपुर के मंगला स्थित अमलतास कालोनी निवासी संजय जायसवाल के घर में दबिश दी।

बता दें कि कोरबा निवासी कोल व्यापारी हेमंत जायसवाल के साथ इनका कारोबार संचालित होता रहा है। टीम दोनों घरों में सर्वे कर रही है। प्राथमिक जांच में अभी कोई भी जानकारी विभाग के अधिकारियों ने साझा नहीं की है। घर व आसपास बड़े पैमाने पर सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया था। इसी तरह मुंगेली जिले के जरहागांव निवासी पारेख कुर्रे के घर भी टीम पहुंची। खबर है कि पारेख का प्रत्यक्ष रूप से कोई व्यापार नहीं है। लेकिन, विगत कुछ वर्षों से कोल व्यवसायी सूर्यकांत तिवारी के संपर्क में है। उनके माध्यम से बड़ी डील होने की खबर है।

काम न कौड़ी, फिर भी पारेख की ठाठ

जरहागांव निवासी पारेख कुर्रे को लेकर कुछ गांव वालों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उसके पास गांव में कोई काम नहीं है। किसी प्रकार का व्यापार भी संचालित नहीं है। लेकिन, पिछली बार सरपंच का चुनाव लड़ा था। उसमें बड़े पैमाने पर पैसे उड़ाए थे। इतना ही नहीं, गांव में शानदार बंगले की तरह घर भी बनवा रहा है। हमेशा गांव में ही रहता है। लेकिन, अचानक बीच में कुछ दिनों के लिए गायब होता है फिर आ जाता है। कहां जाता है क्या करता है यह किसी को नहीं मालूम।

भोपाल से आए अधिकारी

टीम के साथ केंद्रीय रिजर्व बल के जवान और पुलिस भी थी। सुरक्षा बल व टीम के अधिकारी मध्य प्रदेश पासिंग वाले वाहनों से पहुंचे हैं। घर के आसपास इनकी तैनाती की गई है। जहां किसी का भी प्रवेश वर्जित है।