पांच दिनों की बारिश से छत्तीसगढ़ में फैली हरियाली, बस्तर संभाग में जारी रहेगी भारी बारिश, शिवनाथ याने की शिवगंगे में आई, खुशियों की धारा से

 रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर।

असल बात न्यूज़।। 

      00 Good Morning

        00  मौसम रिपोर्ट  

पूरे छत्तीसगढ़ अंचल का मौसम खुशनुमा हो चला है। पिछले 6 दिनों के भीतर इतनी बारिश हो गई है कि खेतों को बुवाई कार्य के लिए पर्याप्त पानी मिल गया है। अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है और एक दो दिनों तक रह-रहकर बारिश हो सकती है। किसान, पानी की कमी को लेकर चिंतित थे वह चिंता दूर हो गई है। इतने पानी से धान के अच्छे उत्पादन की उम्मीद की जा रही है, लेकिन बीच-बीच में पानी की जरूरत पड़ेगी। राज्य के दक्षिणी इलाके याने की बस्तर संभाग में अभी भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। दुर्ग जिले की जीवनदायिनी शिवगंगे याने की शिवनाथ नदी खुशियों की धारा से लबालब दिख रही है।

देश के मध्य क्षेत्रों में अभी भी औसतन कम बारिश हुई है। आंकड़ों के अनुसार अभी भी 20 से लेकर 40% तक कम बारिश हुई है। इस सीजन में आषाढ़ के महीने में शुरुआत में अच्छी बारिश नहीं हुई। बारिश कमजोर रही, क्षेत्र में जिससे औसत वर्षा की तुलना में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। छत्तीसगढ़ ही नहीं देश पूरे मध्य क्षेत्र में बारिश का यही हाल दिख रहा है। लेकिन पिछले पांच छह दिनों से जो बारिश हुई है वह काफी राहत देने वाली महसूस हो रही है। देश के मध्य क्षेत्रों में औसत वर्षा के प्रतिशत में पिछले दिनों में भारी तेजी से सुधार हुआ है। जहां पहले 20 से 40% तक कम बारिश दिख रही थी अब वहां 5% अधिक बारिश हो गई है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 22 मिलीमीटर ,कांकेर, पखांजूर में 11 मिलीमीटर बस्तर, लोहंडीगुड़ा में 9 मिलीमीटर और राजनांदगांव तथा अंबागढ़ चौकी में 8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

धान का समर्थन मूल्य बढ़ने के बाद किसानों में धान की फसल लेने की प्रवृत्ति बढ़ती देख रहे हैं। किसानों को धान की फसल लेने में फायदा दिख रहा है इसलिए हर खेतों में धान लगाए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में धान आसानी  उत्पादित की जाने वाली फसल बन गई है  और यह फायदेमंद भी साबित हो रही है। अभी तक की जो जानकारी है किसानों ने बुवाई का कार्य  पूरा कर लिया है। जिन खेतों में बुवाई का कार्य पिछड़ गया है उसे अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। किसानों को हालांकि रासायनिक खादों के संकट से जूझना पड़ा है लेकिन कहीं ना कहीं से इसकी व्यवस्था कर ली गई है। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर खेतों में सिंचाई की सुविधा हो गई है, बोर लग गए हैं। जिन खेतों में बोर से पानी उपलब्ध हो रहा है वहां समय पर बुवाई का कार्य कर लिया गया है। 

राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से दस जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 556.8 मिमी और बलरामपुर जिले में सबसे कम 113.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 135.5 मिमी, सूरजपुर में 186.8 मिमी, जशपुर में 130.9 मिमी, कोरिया में 208.2 मिमी, रायपुर में 170.1 मिमी, बलौदाबाजार में 260.4 मिमी, गरियाबंद में 283.8 मिमी, महासमुंद में 255.9 मिमी, धमतरी में 244.5 मिमी, बिलासपुर में 303.7 मिमी, मुंगेली में 362.6 मिमी, रायगढ़ में 248.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 379.3 मिमी, कोरबा में 221.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 363.0 मिमी, दुर्ग में 257.2 मिमी, कबीरधाम में 256.8 मिमी, राजनांदगांव में 280.6 मिमी, बालोद में 319.5 मिमी, बेमेतरा में 204.0 मिमी, बस्तर में 330.2 मिमी, कोण्डागांव में 278.3 मिमी, कांकेर में 291.4 मिमी, नारायणपुर में 288.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 253.4 मिमी और सुकमा में 244.2 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।