स्वामी श्री स्वरूपानंद महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस का आयोजन

 भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

 स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत कला एवं खेल विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया l 

 कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए संयोजक डॉ सावित्री शर्मा, प्राध्यापक ,शिक्षा विभाग एवं क्रीड़ा अधिकारी श्री मुरली मनोहर तिवारी ने कहा कि प्रतिवर्ष 20 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है l  इसी दिन इंटरनेशनल चेस फेडरेशन की स्थापना हुई थी l यह सबसे प्राचीन लोकप्रिय खेलों में से एक है ,जो राष्ट्रों के बीच निष्पक्षता ,समानता, आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देता है lजिसकी वर्तमान में अत्यंत आवश्यकता हैl

 भारत में प्राचीन समय में इस खेल को चतुरंग नाम से जाना जाता था lइस खेल से विद्यार्थियों में लर्निंग पावर, मेमोरी और फोकस करने की क्षमता बेहतर होती है । 

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ,डॉ दीपक शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा  ऐसे आयोजन वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है । शतरंज सार्वभौमिक खेल है ,जो निष्पक्षता  ,समावेशता दूसरों के प्रति सम्मान को प्रोत्साहित करता है । यह सबसे प्राचीन बौद्धिक एवं सांस्कृतिक खेलों में से एक हैं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ  हसा शुक्ला ने अपने उदबोधन में कहा कि शतरंज एक माइंड गेम है । इसे दिमाग को तेज करने वाला खेल भी कहा जाता है।    यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद है । प्रतियोगिता तीन राउंड में संपन्न कराई गई। 

प्रतियोगिता के दौरान बेहद कठिन स्थितियां बनी ,जिसमें  प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त दे पाना बेहद मुश्किल नजर आ रहा था। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपनी शतरंज रणनीति भी साझा की। 

 प्रतियोगिता में निर्णायक श्री ओपी ओ सिंह ,भिलाई  इस्पात संयंत्र उपस्थित रहे  । उन्होंने प्रतियोगिता के परिणामों से अवगत  कराया। छात्रों में प्रथम स्थान देवदत्त महानंद ,बीएससी तृतीय वर्ष, द्वितीय स्थान आशीष सोनी एवं तृतीय स्थान मयंक मिश्रा बीसीए द्वितीय वर्ष  ने प्राप्त किया । छात्राओं में प्रथम स्थान हेमा बीएससी तृतीय वर्ष एवं द्वितीय स्थान पल्लवी वर्मा ने प्राप्त किया। प्राध्यापक वर्ग में  विजेता  सुश्री नीलिमा साहू ग्रंथपाल एवं उपविजेता डॉ शमा ए बैग, विभागाध्यक्ष , माइक्रोबायोलॉजी रही।  इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। विजेता प्रतिभागियों को महाविद्यालय परिवार की तरफ से शुभकामनाएं प्रेषित की गई।