Corona संकट से बंद शिशु गृह खुल गए अथवा खुलने की प्रक्रिया में

 

क्रेच की स्थिति

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।
असल बात न्यूज़।।

कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों  कोविड-19 महामारी के दौरान बंद शिशुगृह या तो खोल दिए गए हैं या जरूरत के अनुसार फिर से खोलने की प्रक्रिया में हैं। राष्ट्रीय शिशु गृह योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, क्रेच के  संचालन को जारी रखने का  राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन द्वारा उनके द्वारा किए गए सत्यापन और निरीक्षण के आधार पर  निर्णय लिया जाता है।

 वर्तमान में कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बताया गया है, शिशु गृह में सहायता देने वाले उन लोगों को मानदेय के रूप में सहायता  प्रदान की गई है जो मानदंडों के अनुसार बंद की पूरी अवधि के दौरान क्रेच में सेवा कर रहे थे।

भारत सरकार ने 'मिशन शक्ति' के दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि- एक एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, महिलाओं की सुरक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए छत्र योजना के रूप में पालना' या राष्ट्रीय शिशु गृह योजना 'मिशन शक्ति' की 'समर्थ्य' उप-योजना के तहत एक घटक है। पालना का उद्देश्य बच्चों के पोषण और संज्ञानात्मक विकास को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित और सुरक्षित वातावरण प्रदान करके 6 महीने से 6 वर्ष की आयु वर्ग में कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण क्रेच देखभाल सुविधाओं की आवश्यकता को पूरा करना है। यह सभी माताओं को क्रेच सुविधा प्रदान करने की परिकल्पना करता है, चाहे उनकी रोजगार स्थिति कुछ भी हो।

यह जानकारी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रीमती  स्मृति जुबिन ईरानी ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।