लौटे मानसूनी बादल,छत्तीसगढ़ में अब बारिश की संभावना, उत्तर पूर्वी मानसून सक्रिय हुआ,

 रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर।

असल बात न्यूज़।। 

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हमने जैसी संभावना व्यक्त की थी कि उत्तर पूर्व से मानसून आगे बढ़ेगा तो छत्तीसगढ़ में मानसून के बारिश की संभावना बढ़ सकती है। मानसून, उत्तर पूर्व से छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों की ओर आज बढ़ता नजर आ रहा है।बारिश का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीदें,इससे  पूरी हो सकती हैं और कई जगह अच्छी बारिश हो सकती है।  दिख रहा है कि उत्तर पूरी मानसून आज, छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों पर पहुंच गया है और यहां इसकी सक्रियता नजर आ रही है। इससे ऐसी जगहों पर अच्छी बारिश की संभावना बन गई है। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर अभी तक अपेक्षाकृत 20 से लेकर 50% तक कम बारिश हुई है।

 उल्लेखनीय है कि पिछले 2 दिनों से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उड़ीसा आंध्र प्रदेश में जगह जगह अच्छी बारिश हो रही है लेकिन छत्तीसगढ़ से मानसून जैसे रूठ गया था। और यहां कहीं भी बारिश होना थम सा गया था। इससे खेती किसानी कार्य से जुड़े लोगों में एक निराशा सी  व्याप्त हो गई थी।

दो दिन पहले की बारिश में के बाद छत्तीसगढ़ में हर जगह खेती किसानी का कार्य तेज हो गया है। जिन किसानों में अभी तक बुवाई का कार्य शुरू नहीं किया था वे तेजी से इस काम में लग गए हैं। हर जगह बुवाई का काम चलता दिख रहा है। वैसे कहा जा रहा है कि राज्य में देर से बारिश होने की वजह से खेती किसानी का काम कुछ पिछड़ गया है। 

अभी छत्तीसगढ़ अंचल में अंबिकापुर संभाग के कोरिया व सूरजपुर, तथा मैदानी इलाकों बिलासपुर, मुंगेली रायगढ़, जांजगीर चांपा में मानसून की सक्रियता लिख रही है। वही बस्तर संभाग में बीजापुर और सुकमा जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है।

राज्य में अब तक 193.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून से आज पांच जुलाई तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार जांजगीर चांपा जिले में सर्वाधिक 321.6 मिमी और बलरामपुर जिले में सबसे कम 107.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 112.5 मिमी, सूरजपुर में 165.0 मिमी, जशपुर में 108.6 मिमी, कोरिया में 190.0 मिमी, रायपुर में 116.5 मिमी, बलौदाबाजार में 193.6 मिमी, गरियाबंद में 234.5 मिमी, महासमुंद में 194.0 मिमी, धमतरी में 176.8 मिमी, बिलासपुर में 205.9 मिमी, मुंगेली में 251.0 मिमी, रायगढ़ में 204.3 मिमी, कोरबा में 176.3 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 287.6 मिमी, दुर्ग में 166.5 मिमी, कबीरधाम में 187.0 मिमी, राजनांदगांव में 217.0 मिमी, बालोद में 256.5 मिमी, बेमेतरा में 155.9 मिमी, बस्तर में 204.8 मिमी, कोण्डागांव में 168.7 मिमी, कांकेर में 167.5 मिमी, नारायणपुर में 193.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 175.7 मिमी, सुकमा में 161.4 मिमी और बीजापुर में 302.8 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

इधर राज्य में खरीफ फसलों की बुआई तेजी से शुरू हो गई है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 05 जुलाई की स्थिति में 10 लाख 42 हजार  640 हेक्टेयर रकबे में विभिन्न खरीफ फसलों की बुआई शुरू हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 22 फीसद है। अब तक खरीफ फसलों के तहत सर्वाधिक 8 लाख 87 हजार 880 हेक्टेयर में बोता धान की बोनी हुई है। इसके अलावा मोटे अनाज की 75,940 हेक्टेयर में, दलहन की 23,900 हेक्टेयर में, तिलहन की 18,810 हेक्टेयर में तथा सब्जी एवं अन्य फसलों की 28470 हेक्टेयर में बुआई पूरी कर ली गई है।
राज्य में खरीफ सीजन 2022 में 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ फसलों की बुआई का लक्ष्य है, जिसमें 36 लाख 60 हजार 500 हेक्टेयर में धान, 3 लाख 14 हजार हेक्टेयर में मक्का, एक लाख 6 हजार हेक्टेयर में कोटो-कुटकी, 40 हजार हेक्टेयर में रागी की बुआई का लक्ष्य है। राज्य में 5 जुलाई की स्थिति में 7640 हेक्टेयर में धान का रोपा लगाया गया है। मक्का की 40,960 कोदो-कुटकी की 34,980 हेक्टेयर में बोआई कर ली गई है।
इसी तरह दलहन फसलों के अंतर्गत अरहर की एक लाख 70 हजार, मूंग की 33 हजार, उड़द की 2 लाख 10 हजार तथा कुल्थी की 35 हजार हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 23900 हेक्टेयर में दलहन फसल की बोनी हो चुकी है। तिलहन फसलों के अंतर्गत मूंगफली, तिल, सोयाबिन, रामतिल, सूरजमुखी अरण्डी की बुआई 2 लाख 67 हजार 700 हेक्टेयर में बुआई के लक्ष्य के विरूद्ध 18810 हेक्टेयर में, तिलहन फसलों की बोनी तथा 28,470 हेक्टेयर में साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की बोनी पूरी कर ली गई है।
चालू वर्षा मौसम में राज्य में 4 जुलाई की स्थिति में 179.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई  है, जो इसी अवधि की 10 वर्षाें की औसत वर्षा 230.4 मिमी से 50.7 मिमी कम है। राज्य में बीते वर्ष 4 जुलाई तक 270.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
खरीफ सीजन 2022 के लिए खाद एवं बीज की किसानों को आपूर्ति की व्यवस्था सहकारी समितियों के माध्यम से की गई है। खरीफ की विभिन्न फसलों के बीज की कुल मांग 10.05 लाख क्विंटल के विरूद्ध अब तक 7.11 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण किया गया है। जिसके विरूद्ध किसानों द्वारा अब तक 4.75 लाख क्विंटल बीज का उठाव कर लिया गया है, जो कि भण्डारित बीज मात्रा का 67 प्रतिशत है। खरीफ में 13 लाख 70 हजार मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरक के वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 10.43 लाख मेट्रिक टन खाद का भण्डारण सहकारी तथा निजी क्षेत्रों में करने के साथ ही 6.56 लाख मेट्रिक टन खाद का वितरण किसानो को किया जा चुका है।



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