केंद्र सरकार ने पत्रकार कल्याण योजना के तहत 7 पत्रकारों और उनके परिवार के 35 सदस्यों को सहायता राशि प्रदान की

 


 कोविद -19 के कारण जान गंवाने वाले पत्रकारों के 16 सदस्यों को सहायता 

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।
असल बात न्यूज़।।

केंद्र सरकार ने पत्रकार कल्याण योजना के तहत कोविड-19 और अन्य विभिन्न दुर्घटना में अपनी जान गवा देने वाले पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए सहायता राशि स्वीकृत की है। इसके तहत 35 पत्रकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  पत्रकार कल्याण योजना समिति की सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में उक्त संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यहां सहायता राशि विभिन्न दुर्घटनाओं में अपनी जान गवा देने वाले  35 पत्रकारों के परिवारों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए स्वीकृत की गई है। इसमें पत्रकारों के परिवार के 16 सदस्य भी शामिल हैं जिनकी कोविड -19 के कारण मृत्यु हो गई।पत्रकार कल्याण योजना (JWS) के तहत पीड़ित परिवारों को एक लाख रुपये से₹5 लाख रुपए  तक की सहायता प्रदान की जाएगी। 

जेडब्ल्यूएस समिति ने  स्थायी विकलांगता से पीड़ित दो पत्रकारों और पांच पत्रकारों को बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए सहायता की भी सिफारिश की। बैठक में समिति के द्वारा कुल  1.81 करोड़ रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

अब तक इस योजना के तहत कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले पत्रकारों के 123 परिवारों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान स्वीकृतियों से वर्तमान बैठक में कुल 139 परिवारों को सहायता प्रदान की गई है।

इस योजना के तहत पत्रकार की अत्यधिक कठिनाई के कारण मृत्यु होने की स्थिति में पत्रकारों के परिवारों को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। स्थायी अपंगता, गंभीर दुर्घटनाओं और बड़ी स्वास्थ्य बीमारियों के मामले में भी पत्रकारों को सहायता प्रदान की जाती है।

पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, 134 पत्रकारों और उनके परिवारों को विभिन्न श्रेणियों के तहत 6.47 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई थी। 

जेडब्ल्यूएस समिति की बैठक में श्री जयदीप भटनागर, प्रधान महानिदेशक, पीआईबी, श्री विक्रम सहाय, संयुक्त सचिव (आई एंड बी) के साथ समिति के पत्रकार प्रतिनिधि श्री संतोष ठाकुर, श्री. अमित कुमार, एस. उमेश्वर कुमार, सुश्री सरजना शर्मा, श्री. राज किशोर तिवारी और श्री. गणेश बिष्ट भी शामिल थे।