स्वरुपानंद महाविद्यालय में विश्व चॉकलेट दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम

 भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

विश्व चॉकलेट दिवस 7 जुलाई को मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन 1550 में युरोप में चॉकलेट की शुरुआत हुयी। चॉकलेट बच्चों से लेकर बड़ों तक में प्रिय है। बाजार में विभिन्न प्रकार के चॉकलेट जैसे . डॉट चॉकलेट, मिल्क चॉकलेट, डार्क चॉकलेट, ब्राउनी इत्यादि विभिन्न प्रकार के चॉकलेट पाये जाते है। 

संयोजिका डॉ. शमा अ बेग विभागाध्यक्ष माईक्रोबायोलॉजी ने चॉकलेट दिवस पर चॉकलेट की विभिन्न फायदे बताये। उन्होंने बताया कि संयमित मात्रा में चॉकलेट खाने से तनाव कम होता है क्योंकि यह तनाव बढ़ाने वाले हारमोंस को नियंत्रित करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर कम करता है, इसमें एंटी ऑक्सीडेंटस होते है जो बूढापे को नियंत्रित करते है, डॉर्क चॉकलेट खाने से दिल की बीमारी का खतरा कम होता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने बताया कि चॉकलेट उद्योग भारत में काफी तेजी से बढ़ रहा है और हम इसका सही उपयोग कर रोजगार अर्जित कर सकते है। चॉकलेट स्वाद में तो अच्छा है ही साथ ही स्वास्थ्य के लिये भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद ट्रीप्टोफैन हमारे मस्तिष्क में इडॉरफिन के लेवल को प्रभावित कर हमें खुशी महसूस करते है।

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि चॉकलेट दिवस पर युवा छात्रों के लिये कार्यक्रम कराने से उनमें नयी उर्जा और उत्साह प्रवाहित होगा।

महाविद्यालय में चॉकलेट दिवस पर वीडियो एवं कविता प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसमें शिक्षकों एवं छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया जिसके परिणाम निम्न प्रकार रहे - कविता लेखन में प्रथम - भारती चंद्रा बीएड तृतीय सेमेस्टर, द्वितीय - रानू यादव . एमएससी तृतीय सेमेस्टर माई्रक्रोबायोलॉजी, तृतीय . युक्ति साहू . बीएड तृतीय सेमेस्टर

वीडियो में प्रथम - अमिता सोनवानी एमएससी तृतीय सेमेस्टर माईक्रोबायोलॉजी, द्वितीय - अदिति रुही कुजुर बीएससी तृतीय वर्ष बायोटेक्नोलॉजी, शिक्षकों में कविता लेखन प्रथम - अपूर्वा शर्मा सहायक प्राध्यापक बायोटेक्नोलॉजी, द्वितीय - डॉ. शिवानी शर्मा विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी, तृतीय - जानकी जंघेल सहायक प्राध्यापक गणित

वीडियों प्रतियोगिता में प्रथम . डॉ. शैलजा पवार . सहायक प्राध्यापक शिक्षा विभाग, द्वितीय . डॉ. पूनम निकुंभ स प्रा शिक्षा विभाग और सप्रा संयुक्ता पाढ़ी अंग्रेजी, तृतीय . डॉ. पूनम शुक्ला सप्रा शिक्षा विभाग

प्रतियोगिता में निर्णायक रहे डॉ. सुनीता शर्मा सप्रा जंतुविज्ञान, डॉ. श्वेता गायकवाड़ सप्रा वनस्पति, डॉ. प्रेक्षा महादेवकर सप्रा वाणिज्य ने अपना योगदान दिया।