सबसे पुराने भिलाई -3 रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में गोबर की भरमार

 


भिलाई. जब दुर्ग जिले में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं था ,तब भिलाई - 3 रेलवे स्टेशन की अपनी एक अलग पहचान थी । यह भिलाई इस्पात संयंत्र की नींव रखने से लेकर अन्य कार्यों के लिए बाहर से आने वाले लोगों के लिए प्रमुख स्टेशन था । धीरे - धीरे भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन, दुर्ग रेलवे स्टेशन विकसित होने के बाद इस स्टेशन की महत्त्‌ता पूर्व की तरह नहीं रह गई है। इसकी वजह से रेलवे के अफसर अब भिलाई - 3 स्टेशन की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं । यहां पर अव्यवस्था का आलम है । यहां से प्रतिदिन रायपुर बिलासपुर और दुर्ग के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्लेटफार्म पर जगह-जगह गोबर और गंदगी अब भिलाई -3 रेलवे स्टेशन की पहचान बन गई है । साफ सफाई के अभाव में गंदगी के बीच ही यात्रियों को ट्रेन चढ़ने और उतरनी पड़ रही है। यहां पर प्लेटफार्म तो पर्याप्त है लेकिन इसकी देखभाल की कोई व्यवस्था नहीं है । रेलवे के अफसर इस स्टेशन की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

यात्रियों का कहना है

भिलाई -3 रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले श्रीनिवास राव ने बताया कि प्लेटफार्म में गंदगी होने की वजह से यात्री परेशान है । कई बार ट्रेन चढ़ने की आपाधापी में गोबर के ऊपर पैर चले जाने से कई यात्री गिर चुके हैं। समारू साहू कहते हैं कि वह प्रतिदिन रायपुर तक ट्रेन से सफर करते हैं । भिलाई -3 में उनका घर होने की वजह से यहीं से ट्रेन पकड़ते हैं लेकिन गंदगी इतनी है कि नाक पर रुमाल रखकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।

डीआरएम आए और पीपी यार्ड घूम कर चले गए

रायपुर रेल मंडल के डीआरएम श्याम सुदंर गुप्ता बुधवार को भिलाई -3 रेलवे स्टेशन के आगे पीपी यार्ड आए थे। वहां पर निरीक्षण कर वापस चले गए । डीआरएम ने यह जहमत नहीं उठाई कि वह भिलाई -3 रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण कर लेते हैं। इसके पूर्व तक यह परंपरा रही है कि इस तरह के बड़े रेलवे अफसरों के आने की सूचना मात्र से ही आसपास रेलवे स्टेशन के कर्मचारी अधिकारी अलर्ट हो जाया करते थे और आसपास के रेलवे स्टेशनों में साफ सफाई सहित सबकुछ अप-टू-डेट रहता था। लेकिन अब ऐसा नही है। शायद यहीं कारण माना जा रहा है कि भिलाई-3 के समीप कई घंटों तक डीआरएम के रहने की जानकारी के बाद भी भिलाई -3 रेलवे स्टेशन की सफाई तक नही की गई।