तकनीकी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को हार्ड वर्क के स्थान पर स्किल्ड वर्क की प्रेरणा,

 भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में भविष्य में रोजगार उन्मुखी इनफॉर्मल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।विश्वविद्यालय में आयोजित सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इनफॉरमल एजुकेशन  (सीएसडीआईई ) के अंतर्गत सर्टिफिकेट डिसटीब्यूशन कार्यक्रम में वहां के कुलपति डॉ एनके वर्मा ने बोलते हुए उक्त आशय की जानकारी दी है। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को हार्ड वर्क के स्थान पर स्किल्ड वर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ अरुणा पलटा मुख्य अतिथि थी।

कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में यूटीडी के डायरेक्टर डॉ पी.के. घोष ने सभी विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए  सीएसडीआईई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के अलावा दूसरे विषयों के विद्यार्थी भी कौशल आधारित शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं ।उन्होंने विद्यार्थियों को हार्ड वर्क के स्थान पर स्किल्ड वर्क के लिए प्रेरित किया ।तत्पश्चात विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति  डॉ एम.के. वर्मा ने अपने उद्बोधन में तमाम रोजगार उन्मुखी इनफॉर्मल शिक्षा को विश्वविद्यालय में भविष्य में शुरू करने की बात कही । उन्होंने बताया कि इससे पूर्व राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में कुल इस तरह के 150 विषयों का सफल संपादन किया जा चुका है साथ ही उन्होंने भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम को ऑफलाइन मोड में करने का आश्वासन भी दिया।उन्होंने विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा तथा उससे संबंधित विभिन्न विषयों के बारे में बताया तथा अपने आसपास सहजता से उपलब्ध होने वाले रोजगार  की उपयोगिता को समझाया।

 मुख्य अतिथि डॉ. पलटा ने विद्यार्थियों को कौशल शिक्षा के क्षेत्र के साथ जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु कहां पहुंची जो को आत्मसात करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने हेतु शॉर्टकट ना अपना कर अपने कार्य के प्रति लगन एवं समर्पण भावना रखना चाहिए, अपने कार्य को दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पूर्ण करना चाहिए, समय प्रबंधन इत्यादि को बड़े ही प्रेरक प्रसंगों के द्वारा बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे इस शॉर्ट टर्म कोर्स की  प्रशंसा की तथा दुर्ग विश्वविद्यालय में भी इसे प्रारंभ करने की बात कही।

 कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ अमित सिंह राजपूत सहायक प्राध्यापक वीएलएसआई विभाग के द्वारा दिया गया । मंच संचालन डॉ शर्मिष्ठा बनर्जी सहायक प्राध्यापक बायोमेडिकल एंड बायोइनफॉर्मेटिक्स विभाग के द्वारा किया गया ।इस कार्यक्रम में डॉ. ओनिका परमार , डॉ. जिशा मिश्रा, डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. आर.जी. बृजेश तथा अन्य प्राध्यापकगण, विद्यार्थीगण एवं यूटीडी के रिसर्च स्कॉलर उपस्थित थे।