शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने नए कदम, अभियान में संभागायुक्त महादेव कावरे ने भी संभाला मोर्चा, लैब, पुस्तकालय तथा स्पोर्ट्स सामग्री की व्यवस्था पर जोर

 

दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।। 

शासकीय स्कूलों के शिक्षा की गुणवत्ता को उच्च स्तरीय बनाने संकल्प लिया जा रहा है। इसके तहत पढ़ाई के स्तर को सुधारने, मूलभूत जरूरतों की पूर्ति, हाई परसेंटाइल मार्क्स, लैब, पुस्तकालय तथा स्पोर्ट्स की बेहतर व्यवस्था के लिए कदम उठाए जाएंगे। बड़ी बात है कि संभागायुक्त महादेव कावरे भी इस अभियान से जुड़ गए हैं। संभागायुक्त श्री कावरे ने शासकीय स्कूलों के शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के प्रयासों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए संभाग के जिला शिक्षा अधिकारियों की आज बैठक ली है जिसमें उन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने के संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं।  स्वामी आत्मानंद विद्यालय तथा हिंदी माध्यम स्कूलों, दोनों में शिक्षा का स्तर सुधारने की मुहिम शुरू की गई है।


संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने संभाग के संयुक्त संचालक, शिक्षा एवं समस्त जिला शिक्षा अधिकारियो को शिक्षा गुणवत्ता के सुधार हेतु दिशा निर्देश दिए हैं।

श्री कावरे ने इस दौरान  जिला शिक्षा अधिकारियों से  स्वामी आत्मानंद विद्यालय की अधोरसंरचना,ंशिक्षको की भर्ती एवं विद्यार्थियों के प्रवेश के संबंध में जानकारी ली।  बैठक में उपस्थित संयुक्त संचालक श्री पी.के. पांडेय द्वारा अवगत कराया गया कि संभाग में प्रथम चरण में कुल 38 स्वीकृत विद्यालयों में अधोसंरचना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं वर्तमान में नवीन स्वीकृत 18 विद्यालयों की स्थापना कार्य प्रगति पर है। जिस पर श्री कावरे ने निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में पर्याप्त अधोसंरचना लैब, पुस्तकालय एवं स्पोर्टस सामग्री की व्यवस्था हो साथ ही शिक्षको की भर्ती की भी कार्यवाही पूर्ण कर ली जावे।  

संभागायुक्त ने उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वामी आत्मानंद विद्यालय के साथ-साथ अन्य शासकीय विद्यालयों में भी विशेष पहल कर शिक्षा प्रदाय करने के निर्देश दिए। 

विद्यार्थियों के प्रवेश में हो पूर्ण पारदर्शिता:

श्री कावरे शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश की स्थिति पर चर्चा की गई एवं इसके पर्याप्त प्रचार-प्रसार हेतु समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया, साथ ही चयनित विद्यार्थियों के दाखिले में किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। 

जर्जर भवन का उपयोग किसी भी परिस्थिति मे न किया जावे:-

संभागायुक्त श्री कावरे ने उपस्थित सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियो के अध्यापन हेतु जर्जर भवन का उपयोग किसी भी परिस्थिति में न किया जावे एवं ऐसे भवनो को नियमानुसार संबंधित विभाग के सहयोेग से गिराने की कार्यवाही की जावे।

मध्यान्ह भोजन की स्थिति की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच समय-समय पर जिला अधिकारियों द्वारा स्वयं की जावे एवं इस हेतंु नियुक्त रसोइया का मानदेय किसी भी स्थिति में समय पर कर दिया जावे।  

संभागायुक्त ने निःशुल्क पाठ्य पुस्तको का वितरण की कार्यवाही समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए साथ ही गणवेश वितरण के संबंध में जानकारी ली जिस पर अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में एक सेट गणवेश वितरण किया जा चुका है, जिस पर संभागायुक्त ने दूसरे सेट गणवेश के वितरण की भी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

 श्री कावरे ने निर्देशित किया कि सरस्वती सायकल योजना के तहत आगामी सत्र हेतु सायकल वितरण की तैयारी समस्त जिलो में कर ली जावे साथ ही महतारी जतन योजना के तहत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदाय करने हेतु कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

नवा जतन के तहत अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के स्तर में सुधार लाने हेतु सभी अधिकारियों से चर्चा की गई जिस पर अवगत कराया कि राजनांदगांव में आगामी सत्र में कक्षा दसवी एवं बारहवी हेतु शासकीय शिक्षको द्वारा प्रातः कालीन 2 घंटे विशेष कक्षाए संचालित की जावेगी, जिसकी सराहना करते हुए श्री कावरे ने अन्य जिलो में भी विशेष पहल किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में संयुक्त संचालक, शिक्षा श्री पी के पांडे, श्री अरविंद मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा, श्री राकेश पांडेय जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम, श्री स्वामी सहायक संचालक दुर्ग, श्री अमित घोष सहायक संचालक दुर्ग, श्री आदित्य खरे सहायक संचालक राजनांदगांव, श्री आई एल खोब्रागड़े सहायक संचालक बालोद उपस्थित थे।