स्वसहायता समूहों का लंबित भुगतान तत्काल करने का निर्देश, संभागायुक्त श्री कावरे ने समीक्षा बैठक में दिया निर्देश

 दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।। 

बारिश के बाद अब खेतों में धान की फसल खड़ी होने वाली है। ऐसे में फसल की चराई को रोकने की जरूरत बढ़ने लगी है, तो गौठान का महत्व भी दिख रहा है। फसल की चराई को रोकने के लिए पशुओं का गौठान में नियमित रखना जरूरी हो गया है। संभागायुक्त दुर्ग महादेव कावरे ने क्षेत्र में खाद बीज उपलब्धता,क्षेत्राच्छादन एवं गोधन न्याय योजना की प्रगति की आज समीक्षा की। इस दौरान फसल की चराई को रोकने की व्यवस्था, संभाग में वर्षा की स्थिति, फसलों की बुवाई इत्यादि के बारे में भी चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में संभागायुक्त श्री कांवरे ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को स्व सहायता समूह का लंबित भुगतान तत्काल पूर्ण करने का निर्देश दिया है। वहीं बताया गया कि दुर्ग संभाग में कहीं भी अवर्षा की स्थिति नहीं है। संभाग में रोका छेका कार्यक्रम 10 जुलाई से प्रारंभ हो गया है।

  प्रगति  समीक्षा बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.के.राठौर, संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री मुकेश कुमार ध्रुव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अपेक्षा व्यास एवं जिला विपणन अधिकारी श्री भौमिक बघेल उपस्थित थे। 

संभाग के 02 जिले दुर्ग में औसत वर्षा की तुलना 88ः एवं बेमेतरा में 72% वर्षा दर्ज की गई है एवं शेष 03 जिले में बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव में औसत वर्षा से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। संभाग में अवर्षा की स्थिति निर्मित नहीं हुई है।

संभाग में अनाज फसलों की 80%, दलहन 42% एवं तिलहन 45% की बोआई की जा चुकी है। रोपा की प्रगति 29% है। अद्यतन बोनी-रोपा का कार्य जारी है।

संभाग में बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस वर्ष 195293 क्विं. बीज का भंडारण कर 176410 क्विं. बीज का वितरण किया जा चुका है जो गतवर्ष इसी अवधि के वितरण की तुलना में 10,000 क्विंटल अधिक है। इसी प्रकार संभाग में 302048 मे.टन उर्वरक उपलब्ध है जिसके विरूद्ध 236173 मे.टन का वितरण किया गया, जो गतवर्ष इसी अवधि की तुलना में 4651 मे.टन अधिक है।

जिला कबीरधाम एवं बेमेतरा में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने में कम प्रतिशत होने पर जाँच करने के निर्देश दिए गए। गोबर विक्रेता एवं स्वसहायता समूह को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश देते हुए। राज्य में सर्वाधिक कम्पोस्ट उत्पादक जिला राजनांदगांव में द्वारा कुल 251191 क्विंटल उत्पादन पर श्री कावरे द्वारा प्रसन्नता व्यक्त गई एवं श्री राठौर को वर्मी कम्पोस्ट विक्रय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 

संभाग में सहकारिता के क्षेत्र में 234250 मे.टन लक्ष्य के विरूद्ध 217956    मे.टन उर्वरक उपलब्ध है जिसमें 172978 मे.टन उर्वरक सहकारी समितियों के माध्यम से कृषकों को वितरित किया जा चुका है।

गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए संभाग आयुक्त द्वारा बताया गया कि रोका छेका कार्यक्रम 10 जुलाई से प्रारंभ किया जा चुका है जिसे 20 जुलाई तक अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। इस दौरान फसल को चराई से बचाने के लिए पशुओं को गौठान में नियमित रूप से लाने के संबंध में मुनादी, पशुचिकित्सा शिविर का आयोजन एवं पशुओं के प्रबंधन एवं रखरखाव की उचित व्यवस्था हेतु निर्देश दिये गये हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. दुर्ग को स्वसहायता समूहों का लंबित भुगतान तत्काल किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।