ना खुद, तंबाकू खाएंगे ना दूसरों को सेवन करने देंगे, तंबाकू निषेध दिवस पर स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय में संकल्प

 

स्वरूपानंद  महाविद्यालय में  विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर विविध कार्यक्रम 

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत यूजीसी समिति, एनएसएस इकाई, आईक्युएसी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में शपथ ,पोस्टर प्रतियोगिता एवं परिचर्चा  कार्यक्रमों का  आयोजन किया गया l

कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए संयोजिका, डॉ सावित्री शर्मा, प्राध्यापक ,शिक्षा विभाग  ने बताया प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है l इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना, कोटपा एक्ट के तहत प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना एवं तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना है l इस वर्ष  का थीम तंबाकू हमारे पर्यावरण के लिये खतरा हैं। इसके तहत तंबाकू के पर्यावरणीय प्रभाव ,खेती ,उत्पादन, वितरण  आदि के प्रति समाज के बीच जागरूकता बढ़ाना है l 

राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी श्री दीपक सिंह ने बताया तंबाकू खाने वालों की संख्या में दिन प्रतिदिन वृद्धि होते जा रही है विद्यार्थियों में चेतना उत्पन्न करने के उद्देश्य से इसी विषय पर परिचर्चा का कार्यक्रम रखा और शपथ दिलाई गई  ना स्वयं तंबाकू का सेवन करेंगे ना लोगों को करने देंगे।

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने कार्यक्रम की सराहना  करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को प्रेरित करते हैं l उन्होंने  कहा मानव शरीर के लिए तंबाकू उत्पाद बेहतर घातक है ,जिससे अनेक गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं l आईसीएमआर के आंकड़े बताते हैं कि  भारत में जितने कैंसर मरीज हैं उनमें से 40% कैंसर की वजह तंबाकू ही है l 

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ  हसा शुक्ला ने कहा कि आज युवा पीढ़ी तेजी से तंबाकू निर्मित उत्पादों के सेवन में  आगे बढ़ रही है l इनका सेवन  उनके सोसाइटी स्टेटस में शामिल हो चुका है ,जो अत्यंत घातक है l प्रारंभ में शौकिया तौर पर युवा इस नशे की शुरुआत करते हैं l यद्यपि इन उत्पादों पर वैधानिक चेतावनी, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लिखा होता है लेकिन  तंबाकू कंपनियां चबाए जाने वाले, सूंघने  वाले एवं हुक्का में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों को कम  हानिकारक बताकर  युवाओं को गुमराह करती है lलेकिन हमें युवाओं को जागरूक करना होगा कि यह अत्यंत जानलेवा शौक है l उन्होंने अवगत कराया कि महाविद्यालय कैंपस में तंबाकू मुक्त वातावरण रखने हम सब की नैतिक  जिम्मेदारी है l

इस अवसर पर विद्यार्थियों, शैक्षणिक एवं एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ द्वारा यह शपथ ली गई कि हम किसी भी तरह के तंबाकू युक्त उत्पादों का  सेवन नहीं करेंगे , अपने महाविद्यालय के कैंपस को तंबाकू मुक्त रखेंगे तथा अन्य व्यक्तियों को भी इसके लिए सदैव प्रेरित करेंगे  तथा परिचर्चा में बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा रिफत बनो ने अपने विचार प्रकट करते हुये कहा जिंदगी को यूॅं धुएॅं में न उड़ाओं, होश में आओ, होश में आओ, छोड़ो सिगरेट, शराब, धुम्रपान इससे बर्बाद होता इंसान। अपनी इस बुरी आदत को छुडाओं जिंदगी को धुम्रपान के धुएॅं में मत उड़ाओं, क्यों जीते जी लगाते हो अपने तन में आग, कर दो बीडी, सिगरेट तम्बाकू का त्याग और बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा दामिनी साहू, रेखा सिंह, एम.एस.सी. द्वितीय सेमेस्टर कम्प्यूटर साईंस अदिति एवं छात्र शुभम गोविंदानी ने अपने विचार प्रकट किये।

परिचर्चा कार्यक्रम के अंतर्गत ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर शमा बैग ने तंबाकू उत्पाद किस तरह हमारे पर्यावरण के लिए हानिकारक है और हमें नुकसान पहुंचाते हैं इस विषय पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला l उन्होंने बताया कि जो इस तरह के सेवन को छोड़ना चाहते हैं ,उन्हें प्रारंभ में कुछ कठिनाई होती है, क्योंकि उन्हें अक्सर मुंह में कुछ  चबाते रहने की इच्छा होती है l ऐसी स्थिति में वह मिश्री, इलायची आंवलl, सोफ का प्रयोग कर सकते हैं l इससे तंबाकू सेवन करने की इच्छा से लड़ने में सहायता मिलती  है l बायो टेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शिवानी शर्मा  ने कहा की तंबाकू में अनेक प्रकार के रासायनिक यौगिक होते हैं- जैसे जैसे निकोटीन, लैंड ,कार्बन मोनोऑक्साइड एवं अन्य घातक रसायन ,जो स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करते हैं l

पोस्टर प्रतियोगिता की निर्णायक शिक्षा विभाग की सहायक प्राध्यापक ,डॉ मंजू  कनौजिया ने प्रतियोगिता के परिणामों से अवगत कराया l प्रथम स्थान पर कामिनी साहू ने प्राप्त किया l इस अवसर पर वहां महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापिक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे l