बीएसपी हादसे में ठेका श्रमिक की मौत के बाद डीजीएम सस्पेंड

 


भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में बुधवार को ब्लास्ट फर्नेस -7 के ग्रेलुलेशन प्लांट चेंबर के पास हुई दुर्घटना में राहुल उपाध्याय नामक ठेका श्रमिक की मौत हो गई थी। इस घटना में बीएसपी ने मैकेनिकल के डीजीएम केएसएनआर रमेश को सस्पेंड कर दिया है। वहीं दूसरी ओर मृतक ठेका श्रमिक राहुल उपाध्याय के स्वजन सेक्टर नाइन अस्पताल में मरच्युरी के सामने बैठे हुए हैं और संयंत्र में नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।

बीएसपी में हादसा, एक श्रमिक की मौत, एक झुलसा

बतादें कि भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-7 में बुधवार दोपहर 12 बजे के लगभग मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हो गया। फर्नेस के स्लैग ग्रेनुलेशन प्लांट में करीब 30 फीट नीचे बने चेंबर में वेल्डिंग का काम शुरू करते ही आग भभक उठी। घटना में वेल्डिंग का काम कर रहे मेसर्स अमन कंस्ट्रक्शन के दो ठेका श्रमिक परमेश्वर सिक्का (26 वर्ष) एवं राहुल उपाध्याय (32वर्ष) चपेट में आ गए। परमेश्वर वहां से किसी तरह निकल पाया। वह 90 फीसद झुलस गया है। उसे सेक्टर-9 अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। वहीं राहुल उपाध्याय नीचे ही फंस गया था।बीएसपी फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के बाद रेस्क्यू कर राहुल को निकाला। अस्पताल लाए जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। जिस ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-7 में हादसा हुआ उसमें बीते साल अगस्त माह से उत्पादन बंद है और कैपिटल रिपेयर का काम चल रहा है। हादसे की वजह ज्वलनशील गैस मानी जा रही है। डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ एंड सेफ्टी, छत्तीसगढ़ ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में कैपिटल रिपेयर के दौरान आज एसजीपी(स्लैग ग्रेनुलेशन प्लांट) के एयर लिफ्टिंग चेंबर- 2 में मैसर्स अमन कंस्ट्रक्शन के दो ठेका श्रमिकों द्वारा वेल्डिंग का कार्य किया जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे वहां अचानक आग भभक उठी। अकस्मात हुई इस घटना में दोनों ठेका श्रमिक कुछ समझ नहीं पाये। राहुल उपाध्याय नीचे ही फंसा रह गया। परमेश्वर बाहर तो निकल आया परंतु तब तक 90 फीसद झुलस गया। बर्न यूनिट में उसका उपचार जारी है स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

अगस्त से बंद है फर्नेस, फिर गैस कहां से आई

ब्लास्ट फर्नेस-7 में एसजीपी की कुल चार लाइन है। फर्नेस में हाट मेटल उत्पादन के दौरान कचरा को बाहर निकालते हुए एसजीपी में लाया जाता है। जिसे कई प्रक्रिया के बाद ठंडा किया जाता है, जो स्लैग कहलाता है। फर्नेस -7 को कैपिटल रिपेयर पर 18 अगस्त 2021 में लिया गया। तब से यहां उत्पादन बंद है। करीब तीन माह और रिपेयर का कार्य चलेगा। उत्पादन बंद होने एवं इतने दिन बाद ज्वलनशील गैस कहां से आई इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि उस स्थान पर काम शुरू करने से पहले गैस सेफ्टी मानीटर से जांच क्यों नहीं की गई। बगैर जांच के खतरनाक कार्यस्थल पर श्रमिकों को कैसे उतार दिया गया।

सेफ्टी बेल्ट में फंस गया था राहुल

घटना स्थल पर दो श्रमिक परमेश्वर और राहुल ही काम कर रहे थे। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से सेफ्टी बेल्ट बांध रखा था जिससे वे नीचे न गिरें। जालीनुमा स्थान पर उन्हें वेल्डिंग का काम करना था। बताया जाता है कि आग भभकने पर परमेश्वर चीखते हुए किसी तरह बाहर पहुंचा। उसके शरीर पर का कपड़ा आग की लपटों की वजह से जल गया था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे समीप के पानी के टैंक में डुबकी लगवाकर किसी तरह आग बुझाई वह 90 फीसद तक झुलस गया है। उसके शरीर पर सेफ्टी बेल्ट नहीं था। माना जा रहा है कि सेफ्टी बेल्ट खोलकर वह बाहर निकल गया परन्तु राहुल सेफ्टी बेल्ट नहीं खोल पाया और फंस गया। आग और धुआं की वजह से बाहर मौजूद लोग भीतर कुछ भी नहीं देख पा रहे थे।

इधर उठी अनुकंपा की मांग

घटना की इन बिंदुओं पर जांच

मामले की जांच डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ एंड सेफ्टी छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू कर दी गई है। फर्नेस बीते साल अगस्त से बंद होने के बाद ज्लनशील गैस कैसे आई अथवा वहां गैस का पाकेट बनने की स्थिति में गैस सेफ्टी मानीटर से इसका पता क्यों नहीं चल पाया इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भी इसकी उच्च स्तरीय जांच शुरू करा दी है। विभागीय अफसरों एवं घटना के समय मौजूद कर्मचारियों से जानकारी जुटाई जा रही है।

छत्तीसगढ़ शासन हेल्थ एंड सेफ्टी के डिप्टी डायरेक्टर केके द्विवेद्वी ने कहा, बीएसपी में हुए हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। आग ज्वलनशील गैस की वजह से लगी अथवा कुछ और वजह थी, सुरक्षा उपायों आदि की भी जांच में रखा गया है।

भट्ठी थाना केके कुश्वाहा ने कहा, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना स्थल की जांच, घटना स्थल के आसपास मौजूद अन्य कर्मियों का भी बयान लिया जाएगा। एक अन्य घायल कर्मी की स्थिति गंभीर है।