राहुल के ब्लड में मिला इंफेक्शन पर खतरे से बाहर

 


शुक्रवार की शाम आ गई ब्लड कल्चर रिपोर्ट, डाक्टरों के अनुसार खतरे की कोई बात नहीं है
 

बिलासपुर। जांजगीर-चांपा के पिरहीद गांव में बोरवेल से रेस्क्यू किए गए 10 वर्षीय राहुल साहू की ब्लड कल्चर रिपोर्ट शुक्रवार की शाम आ गई। इसमें ब्लड तक इंफेक्शन पहुंचने का पता चला है। अपोलो अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि भर्ती होने के साथ ही बालक को इंफेक्शन कम करने के लिए दवाई दी जा रही है। इसलिए घबराने की अवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य में सुधार होने पर शुक्रवार की रात राहुल को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

राहुल साहू के ब्लड कल्चर की दूसरी रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में ब्लड में इंफेक्शन पहुंचने की पुष्टि की गई है। हालांकि स्थिति गंभीर नहीं है। इसलिए दवा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दवा की डोज भी पहले की तरह रहेगी। इसके साथ ही राहुल के इलाज को लेकर दिल्ली के सीनियर डाक्टरों की टीम से लगातार सलाह ली जा रही है। इधर, ब्लड कल्चर की रिपोर्ट के बाद डाक्टर और राहुल के स्वजन ने राहत की सांस ली है।


ब्लड के इंफेक्शन को खत्म करने के लिए एंटीबयोटिक दी जा रही है। राहुल के सेहत पर डाक्टर व स्टाफ लगातार निगरानी रख रहे हैं। अपोलो के डाक्टर इंदिरा मिश्रा का कहना है कि राहुल को अभी सघन इलाज की जरूरत है। जब तक शरीर व ब्लड से इंफेक्शन नष्ट नहीं हो जाता है, तब तक निगरानी में रखा जाएगा। शरीर के किसी अंग में थोड़ा भी इंफेक्शन रह जाने पर आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है।

राहुल को देखने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डा. महंत और कोरबा सांसद ज्योत्सना

विधानसभा अध्यक्ष डा. चरण दास महंत और कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने शुक्रवार को अपोलो अस्पताल पहुंचे और राहुल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डा. महंत ने इलाज करने वाले डाक्टरों की टीम से चर्चा की और राहुल को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने अस्पताल में राहुल के माता-पिता व स्वजन से भी मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष डा. महंत ने राहुल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस दौरान विधायक शैलेष पांडेय, कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, प्रभारी कलेक्टर हरिस एस सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

फेफड़े, किडनी, लीवर को कमजोर करता है इंफेक्शन

बोरवेल के अंदर राहुल लगातार 105 घंटे तक कीचड़ और पानी के संपर्क में रहने के कारण इंफेक्शन की चपेट में आ गया है। डाक्टरों का कहना है कि इस तरह का इंफेक्शन लीवर, किडन, फेफड़े को प्रभावित करता है। ये सभी शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं। इसलिए इंफेक्शन को खत्म करना जरूरी है।