शाला सुरक्षा और व्यक्ति गत सुरक्षा का दिया गया प्रशिक्षण

 


धरमजयगढ़ (नईदुनिया न्यूज)। धरमजयगढ़ के विकासखंड स्त्रोत केंद्र में मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत संकुल केंद्र के कक्षा पहली से 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को मुख्य प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को भूकंप, तूफान, बाढ़, सर्पदंश, प्राकृतिक आपदा, बिजली और आग आदि से बचाव के बारे में बिंदुवार बताया । प्रशिक्षण सात व आठ जून तक चला । इसमें प्राचार्य डाइट अनिल पैंकरा, प्राचार्य महाविधालय एसबी लकड़ा, एसडीओ वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग से बीपीएम तथा मास्टर ट्रेनर रवि सारथी, लोकनाथ प्रधान, समन्वयक मुख्य रूप से शामिल रहे। लेखापाल आरपी यादव का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के तहत स्वास्थ विभाग के कर्मचारी द्वारा चोट लगने पर प्रारंभिक इलाज के संबंध में बताया गया। वहीं स्काउट के शिक्षक द्वारा आपातकालीन स्थिति में बच्चों को कैसे बचाया जाए इसके संबंध में विस्तार से समझाया गया। फारेस्ट एसडीओ ने हाथी से बचाव के उपाय बताए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में होने वाले प्राकृतिक आपदा और विपदा के बारे में शिक्षक, बच्चों और पालकों को पूर्ण जानकारी देना था। दुर्घटना से पूर्व सुरक्षा के उपाय के लिए यह कवायद की जा रही है। आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारी व कार्य योजना तैयारी कर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए पहले से तैयार रहने के लिए मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में सुरक्षित मानक तैयार करना है। प्रशिक्षण में शाला आपदा प्रबंधन की योजना बनाना, प्राथमिक फस्टएड कैसे किया जाता है। आपदा के समय स्कूल स्तर पर सर्च और तात्कालिक बचाव कैसे करना है कि जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में स्कूल स्तर पर माकड्रिल कैसे करते है इसको भी सिखाया गया।आपदा के साथ-साथ मौसम परिवर्तन, बाल संरक्षण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य, कुपोषण के विषयों में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में शाला प्रबंधन समिति गठन कैसे करना है।