बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने पास किए सैकड़ों करोड़ के प्रोजेक्ट, BJP ने की शिकायत, राज्यपाल ने मांगी सफाई

 


 महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान में अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यानी की एंट्री हो गई है। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष प्रवीण दरेकर ने चिट्ठी लिखकर उद्धव सरकार की शिकायत राज्यपाल से की। आरोप लगाया गया कि उद्धव सरकार ने अल्पमत में होने के बाद भी 'अंधाधुंध' फैसले किए और सैंकड़ों करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया। इस पर एक्शन लेते हुए राज्यपाल ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर 22-24 जून तक राज्य सरकार द्वारा जारी सभी सरकारी प्रस्तावों (जीआर) और परिपत्रों की पूरी जानकारी देने के लिए कहा है।

इस बीच, मंगलवार का दिन बहुत अहम साबित हो सकता है। बागी विधायकों को अयोग्यता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद अब एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) गुट सरकार गठन की दिशा में आगे बढ़ने जा रहा है। खबर है कि शिंदे गुट जल्द ही राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर फ्लोर टेस्ट की मांग करेगा। शिंदे गुट भाजपा में शामिल नहीं होगा, ना ही नई पार्टी बनाएगा, बल्कि असली शिवसेना होने का दावा करेगा। ताजा खबर यह भी है कि उद्धव ठाकरे गुट का एक और विधायक टूटकर गुवाहाटी पहुंच रहा है जहां सभी बागी विधायक ठहरे हैं। माना जा रहा है कि बागी विधायक हफ्ते भर में मुंबई लौट सकते हैं। वहीं भाजाप ने अब तक वेट एंट वॉच की पॉलिसी अपनाई है।

शिंदे गुट की शिवसेना के साथ भाजपा की सरकार: भाजपा को लेकर कहा जा रहा है कि वह शिंदे गुट की शिवसेना को मान्यता देकर उसके साथ सरकार बना सकती है। इस स्थिति में देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। भाजपा खेमे में लगातार बैठकें हो रही हैं। पार्टी ने अपने विधायकों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।

इससे पहले सोमवार को हुई बैठक के बाद भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने बताया, 'भाजपा कोर कमेटी की बैठक हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य की राजनीतिक स्थिति का आकलन और चर्चा की गई। एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनका गुट मूल शिवसेना है, इस पर भी चर्चा की गई। हमने चर्चा की कि हमें भविष्य में क्या भूमिका निभानी चाहिए। महाराष्ट्र की जनता की भलाई को ध्यान में रखते हुए भाजपा फैसला लेगी।'