भर्ती,स्टॉफ नर्सेस, शिशु रोग विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती

 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में स्टॉफ नर्सेस, शिशु रोग विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार जारी

*भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और इसे एक महीना आगे बढ़ाने संबंधी खबर गलत व भ्रामक

*प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने एनएचएम द्वारा 914 पदों पर की जा रही है भर्ती


रायपुर ।

असल बात न्यूज़।।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा स्टॉफ नर्सेस, शिशु रोग विशेषज्ञों, चिकित्सा अधिकारियों और सचिवीय सहायकों की भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से नियमानुसार जारी है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और इसे एक महीना आगे बढ़ाने संबंधी वायरल हो रही खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन उपलब्ध कराने  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 914 पदों पर भर्ती की जा रही है। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि मिशन द्वारा चरणबद्ध तरीके से सर्वप्रथम शिशुरोग विशेषज्ञ के 24 पदो पर वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पुर्ण कर ली गई है। द्वितीय चरण में चिकित्सा अधिकारी - एस.एन.सी.यू. के 64 पदो हेतु वॉक इन इंटरव्यू कर ली गई है तथा आगे की प्रकिया प्रकियाधीन है । तृतीय चरण में एस एन सी यू , एन बी एस यू में स्टॉफ नर्सों तथा सचिवीय सहायकों के कुल 826 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया था। स्टॉफ नर्स के लिए 13 हजार 373 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के परीक्षण के बाद तृतीय चरण में स्टॉफ नर्स एसएनसीयू हेतु पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा जारी की गई थी। अभ्यर्थियों से इस सूची पर ई-मेल के माध्यम से दावा आपत्ति आमंत्रित किया गया । जिसमे कुल 1018 आवेदकों द्वारा दावा-आपत्ति प्राप्त हुआ। मिशन द्वारा प्राप्त दावा-आपत्ति के निराकरण के बाद एसएनसीयू स्टॉफ नर्स हेतु कुल 387 अभ्यर्थियों को दस्तावेज परीक्षण के लिए बुलाया गया। जिस आगामी प्रकिया जारी है। अंतिम चरण में एन बी एस यू स्टॉफ नर्स एवम् सचिवीय सहायक पद हेतु दावा आपत्ति के निराकरण के उपरांत नियमानुसार आगामी भर्ती प्रकिया की जावेगी। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा पूरी भर्ती प्रक्रिया नियमानुसार एवं पारदर्शी रूप से की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और इसे एक महीना आगे बढ़ाने संबंधी खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है।