अमित शाह: '16 दिन की बच्ची को उसकी मां की गोद में बैठे हुए जिंदा जलते देखा'

 


2002 में हुए गुजरात दंगों को लेकर अकसर लोग जानना चाहते हैं. इस मुद्दे पर न्‍यूज एजेंसी एएनआई से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुलकर बात की. उन्होंने न्‍यूज एजेंसी को दिये इंटरव्यू में कहा कि दंगे होने की मुख्‍य वजह गोधरा की ट्रेन को जला देना था. 16 दिन की बच्ची को उसकी मां की गोद में बैठे हुए जिंदा जलते हुए मैंने देखा है. अपने हाथों से मैंने अंतिम संस्कार किया है.

स्टिंग राजनीतिक उद्देश्य से किया गया था

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात दंगों को लेकर कहा कि कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात का जिक्र किया है कि ट्रेन में आग लगने के बाद की घटनाएं पूर्व नियोजित नहीं बल्कि स्वप्रेरित थी. तहलका द्वारा स्टिंग ऑपरेशन को भी खारिज कर दिया गया. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके आगे-पीछे का जब फुटेज आया तब पता चला कि ये स्टिंग राजनीतिक उद्देश्य से किया गया था. आगे उन्होंने कहा कि जहां तक दंगों का सवाल है तो आप 5 साल भाजपा और कांग्रेस के शासन काल की तुलना करें तो आपको स्‍वत: पता चल जाएगा कि किसके शासन में अधिक दंगे हुए.

मोदी जी को नजदीक से इस दर्द को झेलते हुए देखा

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात दंगों को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने आगे कहा कि मैंने नरेंद्र मोदी जी को नजदीक से इस दर्द को झेलते हुए देखा है. क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी तो सब कुछ सत्य होने के बावजूद भी हम कुछ नहीं बोल सकते हैं. बहुत मजबूत मन का आदमी ही इस तरह का स्टैंड लेने में सक्षम होता है. उन्होंने कहा कि 18-19 साल की लड़ाई, देश का इतना बड़ा नेता एक शब्द बोले बगैर सभी दुखों को भगवान शंकर के विषपान की तरह गले में उतारकर सहन कर लड़ता चला गया. आज जब अंत में सत्य सोने की तरह चमकता हुआ बाहर आ चुका है, तो अब आनंद आ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज करने का काम किया है. आप कह सकतें हैं कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने ये सिद्ध कर दिया है कि सभी आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित थे. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मोदी जी पर इस तरह के आरोप लगाए थे यदि उनकी अंतरात्मा है तो उन्हें मोदी जी और भाजपा के नेताओं से माफी मांगनी चाहिए.

मोदी जी से भी पूछताछ हुई थी लेकिन तब किसी ने धरना-प्रदर्शन नहीं किया

गुजरात दंगे के मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी से भी पूछताछ हुई थी लेकिन तब किसी ने धरना-प्रदर्शन नहीं किया. हमने कानून का सहयोग किया और मेरी भी गिरफ़्तारी हुई थी. इसके बाद भी देश में कोई भी धरना-प्रदर्शन नहीं हुआ था. गुजरात दंगों में सेना को नहीं बुलाने के सवाल पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में सेना का मुख्यालय है, जब इतने सारे सिख भाइयों को मौत के घाट उतार दिया गया, 3 दिन तक कुछ नहीं हुआ. कितनी SIT बनी ? हमारी सरकार आने के बाद SIT बनी. ये लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं? उन्होंने कहा कि जहां तक गुजरात सरकार का सवाल है हमने कोई लेटलतीफी नहीं की, जिस दिन गुजरात बंद का एलान हुआ था उसी दिन हमने सेना को बुलाया.