दूसरे राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में ओबीसी को कम प्रतिशत आरक्षण

 

नई दिल्ली।

असल बात न्यूज़।। 

दूसरे कई राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग को कम प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। देश में ऐसे कई राज्य हैं जहां अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% अथवा उससे अधिक आरक्षण दिया जा रहा है लेकिन अभी तक की जो जानकारी है उसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग को अभी सिर्फ 14% आरक्षण दिया जा रहा है। हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग निरंतर विकसित होने की ओर अग्रसर है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री सुश्री प्रतिमा भौमिक के द्वारा पिछले दिनों राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई जानकारी के अनुसार निम्नलिखित राज्यों ने ओबीसी को 27% प्रदान किया है: -

असम, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा (कक्षा III और IV पदों में 27%), कक्षा I और II पदों में 10%), ओडिशा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, दमन और दीव।

 निम्नलिखित राज्यों ने ओबीसी को 27% से अधिक आरक्षण दिया है: -

आंध्र प्रदेश (29%), बिहार (33%), कर्नाटक (32%), केरल (40%), तमिलनाडु (50%), अंडमान और निकोबार (38%), पुडुचेरी (34%)।

(iii) निम्नलिखित राज्यों ने ओबीसी को 27% से कम आरक्षण दिया है: -

छत्तीसगढ़ (14%), हिमाचल प्रदेश (श्रेणी- I पदों में 12%) और श्रेणी- II पदों में 18%), झारखंड (14%), मध्य प्रदेश (14%), मणिपुर (17%), पंजाब (12%) , राजस्थान (21%), सिक्किम (21%), उत्तराखंड (14%), पश्चिम बंगाल (17%), दादरा और नगर हवेली (5%)।

(iv) निम्नलिखित राज्यों ने ओबीसी को कोई आरक्षण नहीं दिया है: -

अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और लक्षद्वीप।

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकारी सेवाओं आदि में आरक्षण नीति संबंधित सरकारों द्वारा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए तय और कार्यान्वित की जाती है। राज्य सरकार की आरक्षण नीति तय करने में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं है।