पिछले सीजन में एक प्रतिशत कम हुई थी, मानसून की बारिश, मानसून अभी सक्रिय लेकिन थोड़ा कमजोर, दोपहर के बाद आसमान में घिरे रहेंगे बादल

 नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।

असल बात न्यूज़।।  

       00  मौसम रिपोर्ट

केरल के नजदीक, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, मानसून की सक्रियता पर कतिपय प्रतिकूल असर दिखा है जिससे केरल में अभी मानसून की बारिश शुरू नहीं हुई है। केरल के कुछ इलाकों में अभी प्री मानसून बारिश हो रही है। देश में पिछले वर्षों के दौरान विभिन्न इलाकों में मानसून की बारिश अपेक्षाकृत कम हुई है। इसके चलते मानसून को लेकर चिंता बनी हुई है। आसमान में लगातार बादल छाए रहने की वजह से ज्यादातर स्थानों पर अभी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। आज भी दोपहर के बाद आसमान में बादल छाए रहेंगे।

मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई थी कि केरल में 28 मई को मानसून का आगमन हो सकता है। कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है मानसून की सक्रियता भी बनी हुई है लेकिन मानसून अभी पूरी तरह से केरल पहुंचाने ही हैं। केरल में अभी मानसून की झमाझम बारिश हुई नहीं हुई है। ताजा परिस्थितियों को देखकर अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि दो-तीन दिनों के भीतर केरल में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। लेकिन इससे लग रहा है कि मानसून के आगमन में देरी हो सकती है। अभी पूर्वी दक्षिणी और उत्तरी इलाकों में ज्यादातर स्थानों पर आसमान में बादल छाए रहेंगे लेकिन पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में ही बारिश होने की उम्मीद है अन्य स्थानों पर बारिश की संभावना ना के बराबर है।इस परिस्थिति में  मानसून के आगमन में कुछ देरी होने की आशंका पैदा होने लगी है। छत्तीसगढ़ में धूप निकल रही है लेकिन शाम को आसमान में बादल रहने से आर्द्रता बढ़ने की उम्मीद है जिससे मौसम के कुछ ठंडा रहने का अनुमान किया जा रहा है। 

आसमान में बादल रहने से हीट वेव का प्रकोप तो हर जगह  खत्म हो गया है। दूसरी तरफ तापमान में अपेक्षाकृत गिरावट महसूस की गई है। हिमालयन क्षेत्र, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम में लगातार बारिश हो रही है। छत्तीसगढ़ में भी दोपहर के बाद से आसमान में चमक गरज के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। 

मानसून की बारिश देश में पिछले वर्षों के दौरान आज सामान्य रही है। पिछले वर्षों की मानसून की बारिश पर नजर डालें तो पता चलता है कि एक दो वर्षों के दौरान औसतन अधिक बारिश हुई है तो कई वर्षों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। पिछले वर्ष याने कि वर्ष 2021 के दौरान की देश में मानसून की अपेक्षा की 1% कम बारिश हुई। यहां सामान्य वर्षा 880.6 होती है जबकि पिछले वर्ष 2021 के दौरान सिर्फ 874.6 मिलीमीटर बारिश हुई हुई, जबकि इसके पहले वर्ष 2020 के दौरान 957.6 और वर्ष 2019 के दौरान 968.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जो कि सामान्य बारिश की तुलना में क्रमश 9% और 10% अधिक रहा है। वही इसके पहले वर्ष 2000 अट्ठारह 2017 और वर्ष 2016 के दौरान भी क्रमशाह लो प्रतिशत 5% और 3% कम बारिश दर्ज की गई।


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