सीआईएसएफ की परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपित आगरा से गिरफ्तार

 


भिलाई । सीआइएसएफ भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया। पांच आरोपितों की तलाश अब भी जारी है। मामले में सरगना समेत छह आरोपित पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। फरार आरोपितों की तलाश के लिए दुर्ग पुलिस की टीम आगरा भेजी गई थी। एत टीम भींड में मास्टर माइंड को तलाश रही है। 

बता दें कि सीआइएसएफ भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के सरगना सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है, गिरफ्तार आरोपितों ने अपने बयान में आरोपित सत्यपाल सिंह (24) निवासी खण्डेर थाना व तहसील फतेहाबाद जिला आगरा उत्तर प्रदेश को सभी लिखित परीक्षा में सम्मिलित होना बताया तथा आरोपी नत्थीलाल (20 ) निवासी शहाविद थाना निभौरा जिला आगरा उत्तर प्रदेश को सभी अभ्यर्थियों से दो लाख रुपये लेना बताया।

पत्रवार्ता में एसपी दुर्ग डा . अभिषेक पल्लव ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए थाना उतई से टीम बनाकर आगरा भेजा गया था। टीम द्वारा आरोपितों के पते पर दबिश देकर आरोपित सत्यपाल सिंह एवंं नत्थीलाल को गिरफ्तार किया। साथ ही टीम द्वारा प्रकरण के मुख्य आरोपित डीएस तोमर की गिरफ्तारी के लिए भींड में भी दबिश दी गई। आरोपित डीएस तोमर के 17 वीं वाहिनी में आरक्षक के रूप में पदस्थ होने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक तोमर फरार है, संबंधित पुलिस को इसकी जानकारी दी गई है।

गिरफ्तार आरोपितों में सत्यपाल सिंह लिखित परीक्षा में शामिल हुआ था। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के बायोमैट्रिक मशीन से फिंगरप्रिंट मिलान कर उसकी पहचान पुख्ता हो गई। दूसरा आरोपित नत्थीलाल के द्वारा अरोपितों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए लेेकर आना तथा उसके एवज में दो लाख रुपये लेना बताया है ।

प्रकरण के अन्य फरार पांच आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है । उनकी गिरफ्तारी हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है । गिरफ्तार आरोपितो द्वारा अपराध करना स्वीकार करने से विधिवत गिरफ्तार कर आरोपितों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया । उक्त समस्त कार्रवाई में एसडीओपी देवांश सिंह राठौर थाना प्रभारी निरीक्षक नवी मोनिका पाण्डेय, एसआइ केएल गौर, एएसआइराजकुमार देशमुख, चंद्रशेखर सोनी, आरक्षक सुरेन्द्र सिंह चौहान, आकाश तिवारी, महेश देवांगन, दुष्यंत लहरे, मुकेश यादव , अमर नायक , विजय कुर्रे , राकेश साहू का विशेष योगदान रहा है ।