अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए अब शुरू होने जा रही है सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी),इसकी पहली परीक्षा इस साल के अंत में होने की संभावना


नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।
असल बात न्यूज़।।

 देश में अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए अब सामान्य पात्रता परीक्षा सीई टी आयोजित की जाएगी। हालांकि अभी सरकार के द्वारा इसकी अधिकृत तौर पर घोषणा नहीं की गई है लेकिन इसके लिए केंद्र स्तर पर व्यापक तैयारियां चल रही है। हो सकता है कि इस साल के अंत तक इसकी पहली परीक्षा के आयोजन का टाइम टेबल मिल जाए। माना जा रहा है कि युवा शिक्षित बेरोजगारों के लिए यह परीक्षा काफी लाभदायक साबित हो सकती है। प्रारंभ में यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित 12 भाषाओं में आयोजित की जाएगी और बाद में संविधान की 8वीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं को जोड़ दिया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परीक्षा के आयोजन के लिए देश का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी तैयारी कर रहा है।डीओपीटी के तहत राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन सामान्य पात्रता परीक्षा आयोजित करने के लिए कमर कस रही है।अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए (सीईटी)इस वर्ष के अंत तक होने की संभावना है । यह परीक्षा नौकरी में इच्छुक उम्मीदवारों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। अभी तक की जानकारी के अनुसार इसकी परीक्षा के लिए देश के  प्रत्येक जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय; राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय; प्रधान मंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी के सभी छह स्वायत्त निकायों की संयुक्त बैठक ली है जिसमे इस साल से अराजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) की तैयारियां करने पर जोर दिया गया है, और इस साल के अंत से पहले इस परीक्षा आयोजित करने की संभावना जताई गई  है।


डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, कॉमन एंट्रेंस टेस्ट युवा नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए "भर्ती में आसानी" लाने के लिए डीओपीटी द्वारा किया गया एक महत्वपूर्ण सुधार है और यह युवाओं, विशेष रूप से दूर-दराज और दूर-दराज के इलाके में रहने वालों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा। । उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक सुधार सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करेगा, चाहे उनकी पृष्ठभूमि या सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। महिलाओं और दिव्यांग उम्मीदवारों और उन लोगों के लिए भी एक बड़ा लाभ होगा जो कई केंद्रों की यात्रा करके कई परीक्षणों के लिए वित्तीय रूप से असमर्थ पाते हैं।

डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने "संपूर्ण सरकार" अवधारणा की शुरुआत की, जिसने न केवल साइलो को हटा दिया है, बल्कि सरकार के सभी विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के साथ एक एकीकृत समग्र दृष्टिकोण की सुविधा प्रदान की है, जिसमें प्रत्येक मुद्दे को सामूहिक रूप से संबोधित किया गया है। एक इसे दूसरे पर छोड़ रहा है।उन्होंने कहा, 21 वीं सदी के भारत की वर्तमान जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुरूप शासन का पूरा संदर्भ और अवधारणा पुनर्विन्यास के दौर से गुजर रही है। 


Union Minister of State (Independent Charge) Ministry of Science and Technology; Minister of State (Independent Charge) Ministry of Earth Science; MoS of Prime Minister's Office and Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions, Atomic Energy and Space, Dr Jitendra Singh today said that there will be Common Eligibility Test (CET) for recruitment to Non-Gazetted posts from this year, and the first such test is being scheduled to be conducted before the year end.

Chairing the joint meeting of all the six Autonomous Bodies under the Department of Personnel & Training (DoPT) at North Block here, the Minister said, the National Recruitment Agency (NRA) under DoPT is gearing up to conduct computer-based online Common Eligibility Test (CET) for recruitment to Non-Gazetted posts by the year end. This will be a game-changer providing ease of recruitment to the job aspirants, with at least one exam centre in each district of the country.