देय तिथि से महँगाई भत्ता स्वीकृत नहीं होने से कर्मचारियों को बड़ा अर्थिक नुकसान

 

 अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अंक (AICPIN) पर निर्धारित होता है महँगाई भत्ता का प्रतिशत

         दुर्ग।

असल बात न्यूज़।।

   छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी,प्रवक्ता द्वय विधुशेखर झा(बस्तर) एवं श्रीधर पटेल(रायगढ़) तथा सर्व संभाग अध्यक्ष डॉ सपन सिन्हा (सरगुजा),भानुशंकर नागराज(बस्तर),अशोक रायचा (रायपुर),डॉ बी के दास(दुर्ग) एवं के के दुबे(बिलासपुर) ने बताया कि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अंक (AICPIN) पर महँगाई भत्ता % की गणना प्रतिवर्ष 1 जनवरी एवं 1 जुलाई के स्थिति में एक निर्धारित फॉर्मूला से होता है। उन्होंने जानकारी दी है कि 1 जनवरी 19 के स्थिति में केन्द्र और राज्य में 12 % महँगाई भत्ता मिल रहा था। केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 19 को 5 % वृध्दि से 17 %,1 जनवरी 20 को 4% वृध्दि से 21 %,1 जुलाई 20 को 3% वृध्दि से 24 %,1 जनवरी 21 को 4 % वृध्दि से 28 %,1 जुलाई 21 को 3% वृध्दि से 31 % एवं 1 जनवरी 22 को 3% वृध्दि से 34 % महँगाई भत्ता मिल रहा है। जबकि राज्य के कर्मचारियों के महँगाई भत्ता में 1 मई 22 से 5 %  वृद्धि किया गया है। जोकि वास्तविक देय तिथि एवं दर अनुसार नहीं है।उन्होंने बताया कि देय तिथि से महँगाई भत्ता स्वीकृत नहीं होने से कर्मचारियों को जबरदस्त अर्थिक नुकसान हुआ है। जिसके कारण लगभग 403927 कर्मचारी-अधिकारी आक्रोशित हैं।

       उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़  के कर्मचारियों को 1 जुलाई 19 से 30 जून 21 अथार्त 24 माह  तक वेतन का 12 % के दर  से महँगाई भत्ता दिया गया था। जबकि 1 जुलाई 19 से वेतन का 17 % महँगाई भत्ता देय था जिसे राज्य सरकार ने 1 जुलाई 21 से प्रभावशील किया था। इससे सातवे वेतन के प्रारंभिक वेतन लेवल -1 में ₹ 18720;लेवल-2 में ₹ 19320 ; लेवल-3 में ₹ 21600 ;लेवल 4 में ₹ 23400 ; लेवल -5 में ₹ 26880 ;लेवल-6 में ₹ 30360 ; लेवल-7 में ₹ 34440;लेवल-8 में ₹ 42480 ;

लेवल-9 में ₹ 45720 ;लेवल-10 में ₹ 51840; लेवल -11में ₹ 58920 ;लेवल 12 में ₹ 67320; लेवल-13 में ₹ 80760; लेवल- 14 में ₹ 95880 ; लेवल-15 में ₹ 142200; लेवल-16 में ₹ 155640 एवं लेवल-17 में ₹170160 का नियुनतम आर्थिक नुकसान हो गया है। एरियर्स पर सरकार आज पर्यन्त मौन है।

       उन्होंने बताया कि 2 मई 22 को वित्त विभाग छत्तीसगढ़ शासन के आदेश में 1 जनवरी 20 का 4 %,1 जुलाई 20 का 3 % ,1 जनवरी 21 का 4 %,1 जुलाई 21 का 3 % एवं जनवरी 22 का 3 % कुल 17 % के स्थान पर केवल 5 % महँगाई भत्ता का उल्लेख है। लेकिन 1 जनवरी 20 से 30 अप्रैल 22 तक के महँगाई भत्ता किश्तों को देने का कोई उल्लेख नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारी-अधिकारी सातवे वेतन मैट्रिक्स के अपने लेवल में अपने मूलवेतन को 0.12 से गुणा कर 1 मई 22 से प्रतिमाह होने वाले वास्तविक नुकसान का स्व-आंकलन कर सकते हैं।