गेहूं के निर्यात में थोड़ी सी छूट, सीमा शुल्क में पंजीकृत खेप को निर्यात की अनुमति

 नई दिल्ली।

असल बात न्यूज़।। 

00  व्यापार संवादाता

देश के ज्यादातर हिस्सों में गेंहू के दाम में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। पिछले 3 महीने के भीतर गेहूं के दामों में 20 से लेकर 30% तक की वृद्धि हो गई है।  गेहूं के निर्यात को छूट देने की वजह से माना जा रहा है कि उसके दाम में बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते सरकार ने गेहूं के निर्यात पर तात्कालिक तौर पर रोक लगा दी है। लेकिन अभी जिस गेहूं का सीमा सिरको विभाग में निर्यात के लिए पंजीकरण हो गया है उन्हें निर्यात की अनुमति दे दी गई है।सरकार ने गेहूं निर्यात को प्रतिबंधित करने पर विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), वाणिज्य विभाग द्वारा जारी 13 मई के अपने आदेश में कुछ छूट की घोषणा की है। यह निर्णय लिया गया है कि जहां कहीं भी गेहूं की खेप को जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया गया है और 13.5.2022 को या उससे पहले उनके सिस्टम में पंजीकृत किया गया है, ऐसी खेपों को निर्यात करने की अनुमति दी जाएगी।

सरकार ने मिस्र की ओर जाने वाली गेहूं की खेप को भी अनुमति दी, जो पहले से ही कांडला बंदरगाह पर लोड हो रही थी। इसके बाद मिस्र सरकार द्वारा कांडला बंदरगाह पर लदान किए जा रहे गेहूं के माल की अनुमति देने का अनुरोध किया गया। मेसर्स मेरा इंटरनेशनल इंडिया प्रा. लिमिटेड, मिस्र को गेहूं के निर्यात के लिए लगी कंपनी ने भी 61,500 मीट्रिक टन गेहूं की लोडिंग पूरी करने के लिए एक प्रतिनिधित्व दिया था, जिसमें से 44,340 मीट्रिक टन गेहूं पहले ही लोड किया जा चुका था और केवल 17,160 मीट्रिक टन लोड किया जाना बाकी था। सरकार ने 61,500 मीट्रिक टन की पूरी खेप की अनुमति देने का निर्णय लिया और इसे कांडला से मिस्र जाने की अनुमति दी।

भारत सरकार ने पहले भारत में समग्र खाद्य सुरक्षा स्थिति का प्रबंधन करने के लिए और पड़ोसी और कमजोर देशों की जरूरतों का समर्थन करने के लिए गेहूं के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था, जो गेहूं के लिए वैश्विक बाजार में अचानक बदलाव से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हैं और पर्याप्त गेहूं की आपूर्ति तक पहुंचने में असमर्थ हैं।  इस आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां निजी व्यापार द्वारा साख पत्र के माध्यम से पूर्व प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ उन स्थितियों में जहां भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को उनकी सरकारों के अनुरोध पूरा करने की अनुमति दी जाती है ।

नए आदेश से भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और मुद्रास्फीति की जांच करना, एवम अन्य देशों को खाद्य घाटे का सामना करने में मदद करने की कोशिश की गई है ।  आदेश का उद्देश्य गेहूं की आपूर्ति की जमाखोरी को रोकने के लिए गेहूं बाजार को एक स्पष्ट दिशा प्रदान करना भी है।