संभागायुक्त महादेव कावरे का जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश

  

- जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रशंसा 

- जिला प्रशासन द्वारा चिटफंड कंपनी पर कार्रवाई करते हुए निवेशकों को राशि दिलाने के कार्यों की सराहना 

- संभागायुक्त ने ली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक 

राजनांदगांव ।

असल बात न्यूज़।।

  संभागायुक्त  महादेव कावरे ने जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता के साथ करने का निर्देश देते हुए आज यहां कहा है कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप आम लोगों के  राजस्व नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों का शीघ्रतिशीघ्र निराकरण करने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके लिए शिविर भी लगाया जा सकता है।

 उन्होंने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजनांदगांव जिले के जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। संभागायुक्त श्री कावरे ने कहा कि  स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाईयां उपलब्ध करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए । इसके साथ ही स्टाक रजिस्टर संधारित हों। पेंशन से संबंधित समस्याओं एवं राशन कार्ड में नाम जोडऩा, नया राशन कार्ड बनवाना जैसे कार्य जनता से प्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हुए हैं। उनकी शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुने और निराकरण करें। उन्होंने जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की प्रशंसा की। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चिटफंड कंपनी पर कार्रवाई करते हुए निवेशकों को राशि दिलाने के कार्यों की सराहना की। सुराजी गांव योजना एवं गोधन न्याय योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि गौठानों को ग्रामीण इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित किया जाना है। इस दिशा में बहुत कुछ कार्य करने की संभावना है। महिला समूह की गतिविधियों को बढ़़ावा देने के साथ ही गौठानों को स्वावलंबी बनाने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग सभी बिल्डिंग में अनिवार्य रूप से होना चाहिए। उन्होंने गोधन न्याय योजना, चिटफंड कंपनी, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, जल जीवन मिशन, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, सुपोषण अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। 

कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा ने इस दौरान कहा कि चिटफंड कंपनी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक 17 हजार 691 निवेशकों को 12 करोड़ 80 लाख रूपए की राशि लौटाई गई है। डोंगरगांव तहसील के अंतर्गत भूमि कुर्क की गई है और शीघ्र ही 63 लाख रूपए की राशि लौटाई जाएगी। प्रदेश भर में सर्वाधिक धान की खरीदी राजनंादगांव जिले में की गई। उन्होंने कहा कि धान का उठाव किया जा रहा है। शेष धान का उठाव शीघ्र ही हो जाएगा। मनरेगा के अंतर्गत 813 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों को कार्य दिया गया है। प्रदेश में श्रमिकों को सर्वाधिक कार्य राजनांदगांव जिले में दिया गया है। मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 87.12 एकड़ एवं वर्ष 2022-23 में 107.32 एकड़ में किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के अंतर्गत सघन सुपोषण अभियान चलाया गया है। जिनमें मानपुर, मोहला एवं छुईखदान क्षेत्र में विशेष रूप से गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषण के लिए कार्य किया जा रहा है। मानपुर में इस योजना के तहत बच्चों को 4 समय भोजन दिया गया तथा लगभग सभी बच्चे सुपोषित हुए हैं। सी-मार्ट के माध्यम से समूह की महिलाओं के स्थानीय उत्पाद को मार्केट मिला है। यहां समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए विभिन्न तरह के उत्पाद तथा वन विभाग के महुआ लड्डू, महुआ चिक्की, महुआ आचार उपलब्ध हैं। 

जिला पंचायत सीईओ  लोकेश चंद्राकर ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 248410.47 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया गया है। वहीं 159351.04 क्विंटल  वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 346 गौठान है। गौठानों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वसहायता समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों में संलग्र है। इस अवसर पर ओएसडी खैरागढ़-गण्डई-छुईखदान श्री जगदीश सोनकर, वन मडलाधिकारी श्री दिलराज प्रभाकर, श्रीमती सलमा फारूखी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम श्री अरूण वर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।