खैरागढ़ उपचुनाव में भारी मतदान, बड़ी देर तक लंबी लाइन में खड़े रहकर भी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, भारी मतदान किसके पक्ष में गया है अब उस पर अटकलबाजियां शुरू


 रायपुर, राजनांदगांव। 

असल बात न्यूज़।। 

     00 विशेष प्रतिनिधि 

    00 अशोक त्रिपाठी

खैरागढ़ विधानसभा के उपचुनाव में भारी मतदान हुआ है। जानकारी के अनुसार यहां 80% से अधिक मतदान हुआ है। मतदान में महिला मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। चुनाव प्रचार में यहां जिस तरह से मुख्य राजनीतिक दलों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, देश के साथ प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आकर नेताओं ने यहां चुनाव प्रचार किया उससे यह संभावना नजर आ रही रही थी कि इस उपचुनाव में भारी मतदान होगा। अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदाताओं ने यहां लंबी लाइन में खड़े रहकर मतदान किया। भारी मतदान किसके पक्ष में गया है, मतदाता किस राजनीतिक दल के साथ गए हैं,अब इसको लेकर अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है। 

राजनीति में दखल रखने वाले  ढेर सारी लोग खैरागढ़ उपचुनाव को आगामी विधानसभा के सेमीफाइनल के रूप में भी देख रहे हैं। राज्य में अभी तक 3 उप चुनाव हो चुके हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा का चुनाव अलग मायने रखता है। और इससे भविष्य की राजनीति का काफी कुछ संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है। सबसे पहली बात या चुनाव इसलिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां सीधे-सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है और उन्होंने यहां चुनाव प्रचार में पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में सीधे मोर्चा संभाला है। निश्चित रूप से मतदाताओं ने जो मतदान किया है उससे पता चलेगा कि प्रदेश की सरकार ने पिछले 3 वर्षों में जो काम किया है उससे मतदाताओं में खुशी है की नाराजगी। वही राजनांदगांव जिला पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का गृह जिला है, इस नाते जब यहां के विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहा है तो राजनीतिक विश्लेषकों की यहां इस और भी नजर लगी हुई कि पूर्व मुख्यमंत्री का इस जिले में अभी भी सीधे-सीधे  कितना प्रभाव बना हुआ है। आम मतदाताओं को उन पर कितना भरोसा है और इस चुनाव से यह भी पता चलेगा कि आम जनता के बीच उनकी बात कितनी सुनी जाती है। ऐसे हाथ में है चुनाव सभा स्तर पर कार्य प्रतिष्ठा पूर्ण हो गया था और चुनाव प्रचार के 15 दिनों में राजनीतिक दलों के नेताओं कार्यकर्ताओं का यहां गली गली में जमावड़ा नजर आया तथा हर दिन में चुनावी  सरगर्मी यहां नया रंग दिखाती नजर आई। इस बीच कांग्रेस ने यहां खैरागढ़, छुएखदान, गंडई को मिलाकर जो नया जिला बनाने का मुद्दा उछाला,वह चुनाव प्रचार की दशा और दिशा को काफी प्रभावित करता नजर आया है। ऐसे में यह तो उम्मीद की जा रही थी कि यहां मतदान के दिन भारी मतदान होगा। लेकिन चुनाव प्रचार की तमाम सरगर्मियों और जोशो खरोश के बावजूद आम मतदाताओं में खामोशी ही नजर आई।

यहां सुबह 7:00 बजे से मतदान शुरू हो गया। सुबह से ही मन जगह-जगह मतदान केंद्रों में मतदाताओं की भारी भीड़ देखी गई। इस बीच मतदान की गति की अधिक तेज थी कि सुबह 9:00 बजे तक ही 17% से अधिक मतदान हो गया। और दोपहर 1:00 बजे तक 50% से अधिक मतदान हो जाने की जानकारी मिली है। शाम 5:00 बजे तक कुल मिलाकर 77% से अधिक मतदान हो गया। मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ता चला गया और आखरी समय तक 80% से अधिक मतदान होने की जानकारी मिल रही है। जानकारी के अनुसार इस दौरान कुछ मतदान मशीनें खराब भी हो गई जिसके चलते मतदान केंद्रों की 5 cu और 6vvpat मतदान मशीनों को बदलने की भी जरूरत पड़ी।  मतदाताओं की भारी भीड़ के चलते प्रत्येक मतदान केंद्र में मतदान के दौरान भारी गहमागहमी नजर आई। यहां के कुछ मतदान केंद्र, जंगल क्षेत्रों में भी स्थित है जहां भी भारी मतदान होने की खबर आ रही है। मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूर्णता शांतिपूर्ण टाइम की खबर है। 

इस उप चुनाव को लेकर शुरू से ही भारी गहमागहमी की स्थिति निर्मित थी। और निश्चित रूप से इस चुनाव पर दिल्ली की भी पूरी नजर लगी रही है। यहां कुल 12 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया जिसमें से 2 अभ्यर्थियों ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव मैदान में 10 अभ्यर्थी शेष रह गए। पिछले आम विधानसभा चुनाव में यहां से जनता कांग्रेस के प्रत्याशी देवव्रत सिंह ने जीत हासिल की थी जिनकी अकस्मात मृत्यु के पश्चात यह उपचुनाव हुआ है। उपचुनाव में प्रदेश के दोनों मुख्य राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे मुकाबले के सभी नजर आई है। हालांकि जनता कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और चार अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में थे। यहां 133 संवेदनशील मतदान केंद्र, 64अति संवेदनशील मतदान केंद्र तथा 86 राजनीतिक संवेदनशील  मतदान केंद्र बनाए गए थे।इनमे से 13 मतदान केंद्र को क्रिटिकल मतदान केंद्र घोषित किया गया था। मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने तथा किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने विशेष सुरक्षा बल की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए सी ए पी एफ, एस टी एफ, सी ए एस एफ के बल के साथ जिला पुलिस बल, होमगार्ड, फॉरेस्ट गार्ड को तैनात किया गया था।



102 वर्ष के बुजुर्ग श्री रामचरण सेन ने डाकमत पत्र से दिया मतदान


 मतदान देकर खुशी बयां करते हुए सभी को मतदान जागरूकता का दिया संदेश


विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73 खैरागढ़ उप निर्वाचन के लिए ग्राम दिलीपपुर निवासी 102 वर्ष के बुजुर्ग श्री रामचरण सेन ने डाकमत पत्र के माध्यम से अपना मतदान दिया। उन्होंने मतदान देकर खुशी बयां करते हुए सभी को मतदान जागरूकता का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73 खैरागढ़ उप निर्वाचन के अंतर्गत 80 वर्ष से अधिक बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं से डाकमत पत्र के माध्यम से मतदान कराने के लिए मतदान दलों को भिन्न-भिन्न रूट पर रवाना किया गया था।