चुनाव नहीं होने का 'ग्रहण' दुर्ग जिले में क्या चल सकेगा इस बार ?ऐसे भी हैं ग्राम पंचायत क्षेत्र, जहां सुरक्षित पद के लिए नहीं मिल रहे हैं पात्र उम्मीदवार,, दुर्ग जिले में इन क्षेत्रों में फिर से होने जा रहे चुनाव

  0 election चुनाव, लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा है। जहां किसी भी कारण से चुनाव नहीं होते वहां लोकतंत्र जीवित बचा है अथवा नहीं इस पर सवाल खड़ा हो सकता है। देश में त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की बात की जा रही है और इससे निश्चित रूप से हमारे गांव गांव में स्थानीय स्तर पर  लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। दुर्ग जिले के तीन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पिछले 2 साल से सरपंच के चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। यह चुनाव इसलिए नहीं हो सका क्योंकि वहां किसी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया। मतलब चुनाव लड़ने कोई सामने ही नहीं आया। सवाल है कि कोई चुनाव लड़ने में समय नहीं है इसकी वजह क्या सिर्फ यही है कि वहां राजनीतिक जागरूकता का अभाव है अथवा और अन्य कोई कारण। पेश है हमारी विशेष रिपोर्ट


      00 विशेष प्रतिनिधि 

     00  राजनीतिक चेतना के साथ लोकतंत्र के संरक्षण की मुहिम 

दुर्ग।

असल बात न्यूज़।। 

कोई उम्मीदवार सामने नहीं आया, किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया, इसलिए यहां के 3 ग्राम पंचायतों में प्रतिष्ठापूर्ण सरपंच पद का पिछले दो बार से नहीं हो पा रहा है चुनाव।क्या इस बार यह ग्रहण खत्म हो सकेगा।यह बिल्कुल सच्चाई है और यह हालत कमोबेश विकसित माने जाने वाले दुर्ग जिले की भी है। यहां  तीन ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पिछले  दो साल से सरपंच पद के लिए किसी अभ्यर्थी के द्वारा नामांकन नहीं दाखिल करने से इसके चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। 2019 के दौरान आम पंचायत चुनाव में भी यहां इस पद पर चुनाव नहीं हो सका और इसके बाद उपचुनाव कराया गया तब भी यह चुनाव नहीं हो सका है। दोनों ही चुनाव में यहां सरपंच पदों के लिए किसी ने नामांकन दाखिल किया। इनके चुनाव फिर से कराए जा रहे हैं लेकिन अभी फिर से संशय की स्थिति बनी हुई है कि यह चुनाव हो पाएगा कि नहीं। पात्र उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल नहीं हुआ  तो यहां सरपंच की यह सीट फिर से खाली रह जाने की आशंका है। ऐसे हालात में त्रि स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था कैसे मजबूत हो सकेगी इस पर भी सवाल उठ सकता है तो इस समस्या के लिए क्या कदम उठाए जाएं यह गंभीर सवाल भी अभी अनुत्तरित जैसा है।

देश भर में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है लेकिन आज भी हालात ऐसे हैं कि ढेर सारे स्थानों पर सुरक्षित पद के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। ऐसे वजह से इन स्थानों पर पंच, सरपंच अथवा पंचायती राज्य के अन्य पदों  के लिए चुनाव नहीं हो पा रहा है। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के रास्ते में यह एक गंभीर समस्या नजर आ रही है।कमोबेश विकसित माने जाने वाले दुर्ग जिले में भी अभी ऐसे ही हालात से जूझना पड़ रहा है। 

 इस जिले के धमधा विकासखंड में तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए पिछले दो साल से चुनाव नहीं हो सका हैं। इसकी वजह यही है कि यहां पात्र उम्मीदवारों ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया। नामांकन दाखिल नहीं होने की वजह से इन स्थानों पर चुनाव नहीं कराये जा सके। विडंबना यह है कि ऐसे हालात में इस बार भी यहां चुनाव हो पाएंगे, इसमें संशय बना हुआ है।

 दुर्ग जिले में धमधा विकासखंड के ग्राम पंचायत के ये क्षेत्र हैं, ग्राम पंचायत बसनी, ग्राम पंचायत खर्रा, और ग्राम पंचायत पथरिया डोमा। इन तीन स्थानों में से  ग्राम बसनी में सरपंच का पद अनुसूचित जाति मुक्त के लिए सुरक्षित है।ग्राम पंचायत खर्रा में सरपंच का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए सुरक्षित है। पथरिया डोमा में सरपंच का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए सुरक्षित है वहां भी इस वर्ग से किसी ने नामांकन दाखिल किया जिसकी वजह से वह इस पद पर फिर से नामांकन कराया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न स्थानों पर सरपंच पद का चुनाव वही लड़ सकता है जिसका उक्त निर्धारित वर्ग में 1 जनवरी 2022 की स्थिति में विधानसभा की मतदाता सूची में नाम होना चाहिए। चुनाव नहीं हो पाने की वजह से इन स्थानों पर सरपंच की जिम्मेदारी का निर्वहन प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा किया जा रहा है।

 इन स्थानों में अभी मतदाता सूची में नाम जोड़ने का काम फिर से शुरू किया गया है। इसकी प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का यह काम 7 मई 2022 तक जारी रहेगा।इसका अंतिम प्रकाशन 25 मई 2022 को कर दिया जाएगा । मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी को रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

अभी जानकारी मिली है कि जिन मतदाताओं का विधानसभा की  मतदाता सूची में नाम जुड़ा हुआ है लेकिन स्थानीय मतदाता सूची में नाम नहीं है वह इसमें अपना नाम जुड़वा सकते हैं और ऐसे इस वर्ग के मतदाताओं को भी चुनाव लड़ने के पात्र माना जाएगा। बशर्ते कि  ऐसे मतदाता का  नाम 1 जनवरी 2022 की स्थिति में विधानसभा मतदाता सूची में नाम दर्ज होना चाहिए। असल में दिक्कत यह है कि ग्राम पंचायतों के चुनाव अभी भी 1 जनवरी 2011 की जनगणना के अनुसार कराये जा रहे हैं। उस समय उक्त क्षेत्रों में भी उक्त वर्ग के लोग निवासी थे लेकिन संभवत बाद में वे वहां से चले गए और आबादी में परिवर्तन हो गया है। इसकी वजह से अब उनका नाम वहां मतदाता सूची में नहीं है। वर्ष 2021 में फिर से जनगणना कराई जानी थी लेकिन कोरोना संकट से फैली दहशत की वजह से यह जनगणना निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं कराई जा सकी। 

 प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त तीनों स्थानों पर उस वर्ग, जाति का निवासी नहीं होने की वजह से वर्ष 2019 में हुए सरपंच पद के चुनाव के समय से इस पद हेतु नामांकन नहीं भरा जा सका है। इसके 6 महीने पहले इसके लिए उपचुनाव भी कराया जा चुका है लेकिन  उस समय भी इसके पात्र उम्मीदवार ही नहीं मिले। तब भी किसी के द्वारा नाम निर्देशन पत्र जमा ही नहीं किया गया। जिसके चलते अब इसका चुनाव फिर से कराया जा रहा है।

   यही के ग्राम पंचायत पंडरीतराई में सरपंच पद पर निर्वाचित व्यक्ति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और उन्हें हटा दिया गया जिसके बाद से वहां सरपंच पद के लिए पुनः चुनाव  कराना पड़ रहा है। 

आप सभी को यह भी याद होगा कि सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए किस तरह से जोड़-तोड़ की राजनीति की जाती है दबाव बनाया जाता है और पैसा पानी की तरह फूंक दिया जाता है। मतदाताओं का विश्वास जीतने कितनी तरह की कोशिश नहीं की जाती है। वहीं ऐसे समय में भी तमाम ऐसे क्षेत्र हैं जहां चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं उतर रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों  में राजनीतिक तथा प्रशासनिक जागरूकता के अभाव के वजह से भी ऐसा हो सकता है।

दुर्ग जिले में  पंच पद हेतु पाटन विकासखंड के सिपकोना मैं वार्ड नंबर 9, मतंग में वार्ड नंबर 2, अमेरी 9, पहंडोर वार्ड क्रमांक 7, ओरी में वार्ड क्रमांक 19, लोहारसी में वार्ड नंबर 14, धमधा विकासखंड के डगनिया में वार्ड नंबर 6, खेरधा में वार्ड नंबर  12,  और 19  वार्ड,भरनी में 8, करेली वार्ड नंबर 1, ढाबा वार्ड नंबर 5,  ठेंगाभाट वार्ड नंबर 5, नंदनी खुंदनी में वार्ड नंबर 1 बोरी मैं वार्ड नंबर 3, खपरी कु में वार्ड नंबर 6, गोढ़ी में वार्ड नंबर 18, अहेरी में वार्ड नंबर 17, तथा चीचा में वार्ड नंबर 5 में चुनाव होने जा रहा है।

मतदाता सूची में तैयार करने में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण विकासखंड में मास्टर ट्रेनर के द्वारा दिया गया है। 


अभी भी यहां वही मतदाता, चुनाव लड़ने के पात्र होंगे  जिनका नाम यहां मतदाता सूची में 11 22 के स्थिति में दर्ज होगा। 






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