नरवा, जीवन से जुड़ा हुआ मुद्दा, सभी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

 

पाटन के ग्राम दरबारमोखली में सबसे पहले मन में आया था गौठान का विचार, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री  ने बताया 

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज के 76 वें  वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा

पाटन,दुर्ग।

असल बात न्यूज़।।  

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां कहा है कि हम सब को नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की योजनाओ को गंभीरता से लेना होगा। नरवा,हमारे जीवन से सीधे जुड़ा हुआ काम है। हम, अपने नदी नालों, नरवा को ही जीवित रखकर ही अपने भूजल  को रिचार्ज कर सकते हैं। आज जब काफी पहले से तरिया, बोर सूख जाते हैं तो हमें जीवन से जुड़े हुए इस मुद्दे को गंभीरता से समझना होगा। उन्होंने कहा कि गौठान से भी गांव को समृद्ध समृद्धि बढ़ रही है और इससे गांवो, आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि खेती को बचाने के लिए शुरू की गई गौठान योजना को  सिर्फ सरकारी योजना ना समझ कर अपने और गांव के हित के लिए सबको इसे आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन के देवादा, फुंडा गांव में आयोजित कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज के 76 वें वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए उक्त आशय की बातें कहीं। उन्होंने आज समाज में व्याप्त विभिन्न समस्याओं खास तौर पर शादी विवाह के जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।इस अवसर पर अपने उद्बोधन में उन्होंने आगे कहा कि हम देख रहे हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य पिछले कई वर्षों से लगातार अल्प वर्षा से जूझ रहा है। दूसरी तरफ पानी की जरूरत है लगातार बढ़ती जा रही हैं। अल्प वर्षा के दिनों में गर्मी आने के पहले तालाब सूखने लग जाते हैं। हमने अभी सभी के घर में नल जल कनेक्शन पहुंचाने की योजना शुरू की है जिससे पानी की जरूरत और बढ़ गई है। ऐसे में पानी की आपूर्ति कैसे हो सकेगी इसकी चिंता हमें ही करनी है। इसके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात है कि हमें वाटर रिचार्जिंग की ओर ध्यान देना होगा। वाटर रिचार्जिंग के लिए नरवा, नालें काफी बड़े काम कर सकते हैं और हमें इस पर फोकस करना होगा। 

उन्होंने कहा कि  शासन की कृषि हितैषी योजनाओं से जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव आया है। पहले 15 लाख किसानों ने धान खरीदी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था अब 22 लाख किसानों ने धान खरीदी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया। पहले धान का रकबा 22 लाख हेक्टेयर था अब यह रकबा बढ़ कर 30 लाख हेक्टेयर हो गया है।  हमने कृषकों की तरक्की के लिए समग्र योजना बनाई। कर्ज माफी के माध्यम से किसानों पर पड़ा कर्ज का बड़ा बोझ हटाया। इसके साथ ही राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने का जतन किया। इसके साथ ही गौठान के माध्यम से पशुधन संवर्धन तथा खेती के संरक्षण के लिए भी कार्य किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गौठान के आरंभ होने की पृष्ठभूमि भी बताई। उन्होंने बताया कि एक बार वे दरबारमोखली गए थे वहां पर जब किसानों से मिले तो उन्होंने बताया कि आवारा मवेशियों की समस्या बढ़ गई है।  गौठान की विचार इसी दौरान मन में आया। ऐसा महसूस हुआ कि मवेशियों के रखरखाव के लिए यदि एक जगह हो तो न केवल उनका रखरखाव अपितु उनके नस्ल संवर्धन आदि का कार्य किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठान का जितना ज्यादा संवर्धन करेंगे। खेती किसानी के लिए उतना ही हितकर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही हमने जल संवर्धन की ओर ध्यान भी दिया है। नरवा योजना के माध्यम से भूमिगत जल के रिचार्ज के लिए बड़ा कार्य किया जा रहा है। चाहे खेती-किसानी की जरूरत हो या निस्तारी के लिए हो, पानी की जरूरत बड़ी जरूरत है और नरवा योजना के माध्यम से हमने ऐसी पहल की है कि स्थाई रूप से जल संकट दूर किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटन क्षेत्र में हमारे पूर्वजों ने सबसे ज्यादा शिक्षा पर जोर दिया।  स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों के माध्यम से हमने अंग्रेजी माध्यम में अपने बच्चों को पढ़ाने की इच्छा रखने वाले बालकों के लिए एक नया माध्यम प्रदान किया। यह सफल योजना रही है और काफी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को इन विद्यालयों में पढ़ाना चाहते हैं जिसके चलते हमने इनकी दर्ज संख्या में एक चौथाई वृद्धि करने का निर्णय लिया है भूमिहीन किसानों के लिए भी योजना लाई गई है जिसमें 7000 रुपये उन्हें प्रदान किए जा रहे हैं। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सभी समाजों के महापुरुषों को आदर दिया है और उनकी स्मृतियां सहेज कर रखी हैं। मनवा कुर्मी समाज की विभूतियों के नाम पर भी योजनाएं संचालित की गई हैं। छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा डॉ खूबचंद बघेल के नाम पर स्वास्थ्य योजना आरंभ की गई है। स्वामी आत्मानंद के नाम पर इंग्लिश मीडियम स्कूल आरंभ किए गए हैं और स्वर्गीय नरेंद्र देव वर्मा का लिखा गीत छत्तीसगढ़ का राज गीत है। सामाजिक जनों को अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बड़े हर्ष की बात है कि समाज में बेटियां भी खूब पढ़ाई कर रही है और सार्वजनिक जीवन में अपनी जगह बना रही हैं। यह एक प्रगतिशील समाज का सूचक है। इस मौके पर समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री चोवा राम वर्मा एवं राज प्रधान श्री मेहत्तरलाल वर्मा ने भी सभा को संबोधित किया। 

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज अध्यक्ष चोवा राम वर्मा, चंद्रकांत वर्मा, मालिनी मन्नूलाल परगंहिया, कौशल्या वर्मा, पाटन राज प्रधान मेहत्तरलाल वर्मा, शंकर वर्मा, मुकेश वर्मा आरएन वर्मा, जवाहर वर्मा निर्मल कुमार बिजौरा, उर्वशी वर्मा सोमेश्वरी वर्मा कपिल कश्यप चंद्रशेखर पर गनिया रामकुमार वर्मा श्रीमती दुलारी वर्मा, भुनेश्वरी वर्मा चंद्रशेखर वर्मा केपी नायक जीवन लाल वर्मा रघुनंदन लाल वर्मा, तोरणमाल नायक, कौशल्या वर्मा,  धर्मेंद्र सरसिहा, ठाकुर राम वर्मा, तोरणमाल नायक, चंद्र भूषण वर्मा रामचंद्र वर्मा मुकुल वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।











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