इंदिरा गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विज्ञान दिवस

 

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

इंदिरा गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय वैशालीनगर में विज्ञान दिवस समापन समारोह मनाया गया जिसमे मुख्यअतिथि के रूप में रिटायरड आई एफ एस  डॉ के सुब्रमणियम, सदस्य राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ शासन, सम्मिलित हुए।    महाविद्यालय में विज्ञान दिवस समारोह के अंतर्गत हुई समस्त गतिविधियों की जानकारी वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ श्रीमति नीता डेनियल द्वारा प्रस्तुत की गईं।

इस अवसर पर  प्राचार्य डॉ श्रीमति अल्का मेश्राम ने बताया कि आने वाले समय की चुनौतियों का सामना करने आज की पीढ़ी को तैयार रहने की चेतावनी देता है । वास्तव में प्रकृति के निरंतर दोहन ने आज समस्त सृष्टि को ऐसे स्थान पर खड़ा कर दिया है कि सृष्टि स्वयं की महत्ता मानव के समक्ष महामारी जैसे प्रतिकार के रूप में रखने विवश हो चली है।  हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को याद रखना होगा के प्रकृति का संरक्षण उसके दोहन से कहीं अधिक अनिवार्य है।  विज्ञान दिवस समारोह की सम्पूर्णता इसी तथ्य पर है कि आज हम सभी प्रकृति के साथ सामंजस्य की सीख ग्रहण करें। मुख्यअतिथि श्री सुब्रमणियम जी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए अपने व्याख्यान में छत्तीसगढ़ के  विभिन्न क्षेत्रो में प्राकृतिक विविधता और उनके संसाधनों के दोहन से जुडी जटिलताओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा में बताया कि  मात्र एक किलोग्राम धान के उत्पादन में लगभग ढाई से चार हजार लीटर पानी की खपत हो जाती है।  उसी प्रकार गन्ने के उत्पादार में इसका लगभग दस गुना पानी खप जाता है।  कवर्धा का क्षेत्र मैकाल के पूर्वी भू-भाग वृष्टि छाया प्रदेश के अंतर्गत आता है जिसके कारण यहां पूरे प्रदेश में सबसे कम वर्षा दर्ज होती है।  उसी प्रकार रायगढ़ जिले की केलो नदी का जल औद्योगिक विस्तार के चलते प्रदुषण के  तनाव से युक्त है। इन समस्त परिदृश्यों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हुए योजनाबद्ध करना यथोचित होगा।  समस्त विद्यार्थियों ने जोश पूर्वक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

  कार्यक्रम में मंच सञ्चालन महाविद्यालय के औद्योगिक सूक्ष्मजीवविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार मनहर द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विशिष्ठ स्थान प्राप्त विद्याथियो को प्रोत्साहन राशि तथा प्रमाणपत्र भी प्रदान किये गए।