वैज्ञानिक सोच के आधार पर ही विकास को आगे बढ़ाने की आवश्यकता - डॉक्टर तिवारी

 

भिलाई ।

असल बात न्यूज़।।

इंदिरा गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय वैशाली नगर भिलाई में चार दिवसीय साइंस डे का आयोजन किया जा रहा है।इसके उद्घाटन समारोह   कार्यक्रम का  प्रायोजन  सी-कास्ट एवं नेशनल काउन्सिल  फार साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन , डी एस टी, नई दिल्ली  के स्पॉन्सरशिप में किया गया. साइंस डे का आयोजन प्रति वर्ष भारत के नोबल पुरस्कार वैज्ञानिक डॉ सी वी रमन की  याद में मनाया जाता है। इस वर्ष साइंस डे का  थीम “सतत भविष्य के लिए विज्ञानं और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण था” ।

इस थीम पर आयोजित विज्ञान दिवस के पहले दिन कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ सुशील चंद्र तिवारी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा दुर्ग द्वारा दीप प्रज्जवलन करके  किया गया । डॉ नीता डेनियल ने स्वागत भाषण में विज्ञान दिवस की उपयोगिता पर प्रकाश  डाला ।

डॉ सुशील चंद्र तिवारी ने अपने भाषण में युवा पीढ़ी हेतु वैज्ञानिक सोच के आधार पर विकास की आवश्यकता को रेखंकित किया। उन्होंने बताया कि सही दृष्टिकोण अपनाने से विज्ञान,  विकास एवं प्रकृति का  एक साथ समन्वय किया जा सकता है।  महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अलका मेश्राम ने आने वाले भविष्य के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने पर जोर देते हुए विज्ञान और प्रकृति के बीच  के बीच संतुलन के लिए  जागरूक होने की बात कही ।उन्होंने बताया की  हमारे  देश की   प्राचीन वैज्ञानिक सोच में संसाधनों का उचित उपयोग शामिल था पर आधुनिक  विकास की दौड़ ने  इस विचार  को पीछे छोड़ दिया गया है अतः विज्ञान के अंतर्गत  शिक्षण और संसाधनों के विकास की जागरूकता फ़ैलाने की महती आवश्यकता है  दिया  ताकि ब्रेन ड्रेन को रोका जा सके।  

साइंस डे थीम पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी  किया गया जिसमे 40 छात्रों द्वारा पोस्टर बनाया गया जिसका जजमेंट डॉ मीना चक्रवर्ती सहायक प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय बोरी एवं डॉ कंचना शाही  सहायक प्राध्यापक महिला महाविद्यालय सेक्टर ९  भिलाई द्वारा किया गया।  पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से मनीष , मनमोहन एवं फ़िज़ा कुरैशी ने , द्वितीय स्थान नेहा शर्मा ने एवं तृतीय स्थान प्रिया धृतलहरे  ने प्राप्त किया।   

कार्यक्रम का संचालन डॉ अल्पा  श्रीवास्तव द्वारा  एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ कैलाश शर्मा द्वारा किया गया।