अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पाटन में स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं के सुपोषण के लिए किया बड़ा काम,, 47 स्थानों पर एक साथ लगाया गया एनीमिया स्क्रीनिंग शिविर

 00 एक दिन में 1500 महिलाओं की एनीमिया स्क्रीनिंग की उपलब्धि 

00 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के परीक्षण के लिए 47 केंद्रों पर पहुंची टीम

पाटन दुर्ग ।

 असल बात न्यूज़ ।। 

 दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को अपने अलग अंदाज में मनाया।इस दौरान कोई समारोह आविष्कार महिलाओं का सम्मान करने के बजाय उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया, उनके स्वास्थ्य की चिंता की गई और उन्हें सुपोषित बनाने के लिए तमाम सुझाव दिए गए। असल में जिले के नए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे पी मेश्राम और मातृत्व स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ सुगम सावंत ने पाटन ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में काम करते हुए विकासखंड के लगभग 45 स्थानों पर एनीमिया स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। खास बात यह रही कि  इस शिविर का लाभ उठाने जगह जगह महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंची और गांव गांव के शिविरों में महिलाओं की भारी भीड़ दिखी। 

महिलाओं में खून की कमी बड़ी समस्या है। इसकी शिकायत में लगभग हर जगह पाई जाती है। ग्रामीण इलाकों में ऐसी शिकायतें और अधिक नजर आती हैं। इसी को ध्यान रखते रखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं के स्वास्थ्य के सुधार की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुछ नया करने का निर्णय लिया। इस दौरान महिलाओं को सुपोषित रहने के उपाय के बारे में भी जानकारी दी। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में यह शिविर आयोजित किया गया। 

डॉ आशीष शर्मा ने इस बारे में हमें जानकारी देते हुए बताया कि हम सब काफी पहले से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए कुछ नया करने की सोच रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें एक बड़ा अवसर नजर आया। हमने योजना बनाई की इस अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के परीक्षण के लिए एक विराट कार्यक्रम आयोजित किया जाए और उसमें अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने की कोशिश की जाए। इसलिए इस ब्लॉक में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उप स्वास्थ्य केंद्र में या शिविर एक साथ आयोजित किया गया। Anaemia screening शिविर सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला जिसमें प्रत्येक सेंटर पर महिलाओं की भारी भीड़ जुटने की जानकारी मिली है। शाम तक मिली जानकारी के अनुसार लगभग पंद्रह सौ महिलाओं का परीक्षण किया गया है। इस शिविर के आयोजन से महिलाओं को बड़ा फायदा मिलता नजर आ रहा है।

सामान्य तौर पर यह देखने में आता है कि महिलाएं अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने में हिचकिचती जाती हैं। संकोच करती है तथा स्वयं होकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने किसी भी केंद्र में जाना नहीं चाहते। जानकारी मिली है कि इस स्वास्थ्य परीक्षण के आयोजन से 2 महिलाओं में रक्त की अल्पता का पता चला है। इनमें एनीमिया के लक्षण पाए गए। जिसके बाद वहां की टीम पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने उनकी पूरी जांच की और एनीमिया का पता चलने के बाद उन्हें तत्काल ब्लड चढ़ाया गया। किसी शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का तत्काल फायदा मिला हो ऐसे मामले कम ही सामने आते हैं। बताया जाता है कि रक्त चढ़ाए जाने के बाद पीड़ित महिलाओं ने भी खुशी जाहिर की है उन्होंने कहा है कि रक्त चढ़ाने के बाद उन्हें ठीक लग रहा है और उन्होंने इस तरह के शिविर के आयोजन के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। जिन महिलाओं में रक्त की कमी पाई गई है उसमें तेलीगुंडरा की एक 52 वर्षीय महिला शामिल है। वही पाटन ब्लाक के अंतिम छोर आगेसरा के एक 16 वर्षीय किशोरी में भी रक्त की कमी पाई गई है। जिसके बाद चिकित्सकों की टीम के  मार्गदर्शन में पीड़ितो को तत्काल रखते चढ़ाकर उनका उपचार किया गया।

इस शिविर में गर्भवती माताओं , शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं एवं अन्य महिलाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है।