चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कृषक प्रदर्शनी एवं किसान मेले का समापन

 

समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कृषक प्रदर्शनी एवं किसान मेले का समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में  मुख्य मंत्री के कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. पी.के. चन्द्राकर, निदेशक विस्तार डॉ. आर.के. बाजपेयी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. एम.पी ठाकुर, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय डॉ. विनय पाण्डेय, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डॉ. एम.पी. त्रिपाठी उपस्थित थे। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 11 से 14 मार्च तक आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय कृषक प्रदर्शनी एवं किसान मेले में शासकीय, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की 132 संस्थाओं द्वारा किसानोपयोगी नवीनतम कृषि तकनीक एवं उत्पादों का प्रदर्शन तथा विक्रय किया गया। इस प्रदर्शनी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी, अनुसंधान तकनीकों एवं उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके साथ ही राज्य शासन के कृषि एवं उद्यानिकी विभागों द्वारा किसानों के लिए संचालित योजनाओं यथा गौधन विकास योजना, नरवा, गरूआ, घुरवा, बाड़ी जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के तहत प्रत्येक दिवस इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसान पाठशाला में किसानों को कृषि जुड़े विभिन्न विषयों पर तकनीकी व्याख्यान दिये गए। लगभग 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में आयोजित इस कृषि प्रदर्शनी में नवीनतम कृषि यंत्रों एवं उपकराणों, उन्नत सिंचाई प्रणाली, उन्नत बीज एवं कीटनाशक, सोलर पंप, बागवानी उपकरण, पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित यंत्र एवं उपकरण जैव उर्वरक एवं रसायन, जैविक एवं संरक्षित खेती के उपकरणों के साथ ही कृषि विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रौद्योगिकी, मशीनरी एवं उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के दौरान किसानों को कृषि की नवीनतम प्रौद्योगिकी से रूबरू होने के साथ ही विभिन्न उत्पादों के क्रय तथा उनके द्वारा उत्पादित सामग्री के विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ। अन्तर्राष्ट्रीय किसान मेले एवं प्रदर्शनी को राज्य के किसानों का अच्छा प्रतिसाद मिला। चारो दिन मेले में किसानों की भीड़ उमड़ी रही।