इंजिनियर शिवांग चंद्राकर की जघन्य हत्या का खुलासा, गले में रस्सी का फंदा लगाकर की गई हत्या ,साक्ष्य छुपाने बैग , जैकेट , और लोवर को झरझरा पुलिया के पास जला दिया


▪️ दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही

▪️ पुलिस की 06 टीमे लगी थी हत्या की गुत्थी सुलझाने में हाई प्रोफाईल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने मे पुलिस को 65 दिन लगे 

▪️ अपहरण कर 30 लाख रूपये फिरौती लेने का था प्लान पुलिस के ज्यादा सक्रिय होने के कारण फिरौती लेने का प्लान बदल दिया

▪️ महंगे कपडे और विलासता पूर्ण जीवन की चाह में घटना को दिया अंजाम 

▪️ चंदखुरी गांव का पूर्व पंच निकला मास्टर मांइड एक लाख से कर्जे में था डूबा

 ▪️ मास्टर माइंड अशोक देशमुख सहित तीन आरोपी गिरप्तार

▪️ अशोक देशमुख पंच चुनाव हारने व रेगहा की जमीन को लेकर हुए विवाद को लेकर रखता था रंजिश

▪️ आरोपी की पतासाजी में करीब 500 लोगो से हुई पूछताछ व 200 सीसीटीवी कैमरे खंगाला गया

     दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।।  

चंदखुरी से 4 दिन पहले  गुम इंजीनियर शिवांग चंद्राकर के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुरानी रंजिश के चलते सिवान के हत्या कर दी गई। आरोपियों ने बाद में उसे दफना भी दिया तथा उसके कपड़े और अन्य सामानों को दूसरी जगह फेक दिया। मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

              प्राप्त जानकारीके अनुसार पिछले 7 फरवरी को  दीपराज चंद्राकर पिता स्व ० बालमुकुंद चंद्राकर साकिन ग्राम विद्युत नगर पद्मनाभपुर दुर्ग के द्वारा थाना पुलगांव उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका भांजा शिवांग चंद्राकर दिनांक 06.12.2021 को चंदखुरी स्थित अपनी बाडी से शाम करीब 7:30 बजे अपने घर मरौदा जाने हेतु अपनी मो ० सा ० से निकला था जो कि अभी तक अपने घर नही पहुचा है। मामले में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कर  पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान दिनांक 05.01.2022 को गुमशुदा के बड़े भाई धर्मेश चंद्राकर के द्वारा थाना पुलगांव में सूचना दी गई कि झरझरा पुल के पास चंदखुरी भाठा मे हरीश साहू के खेत मे हार्वेस्टर के चक्के से बने गढ्ढे में मानव खोपडी , घडी , कपडा व अन्य हड्डिया बिखरी पडी है।

 उक्त सूचना से तत्काल वरिष्ठ अधिकारीयों को अवगत कराया गया। सूचना तस्दीक हेतु मौके पर जाकर देखने पर आस - पास मानव शरीर की हड्डिया , मानव खोपडी , कपडे , व एक टाईमेक्स कंपनी की घडी पडी मिली एक्त सनसनी खेज सूचना मिलने पर मौके पर तत्काल  पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग श्री ओ . पी . पाल भा . पु.से ,  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री बी . एन . मीणा ( भा 0 पु 0 से 0 ) , अति . पुलिस अधीक्षक महोदय ( शहर ) श्री संजय ध्रुव , अति . पुलिस अधीक्षक महोदय ( ग्रामीण ) श्री अनंत साहू , नगर पुलिस अधीक्षक महोदय श्री जितेन्द्र यादव ( भा.पु.से. ) उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक झा , उप पुलिस अधीक्षक ( क्राईम ) श्री नसर सिद्दीकी उपस्थित आये मौके पर फोरेसिंक विशेषज्ञ श्री मोहन पटेल , व अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिती में घटना स्थल का वरिष्ठ अधिकारीयो के निर्देशन मे सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया। मौके पर मिली टाईमेक्स कंपनी की घडी की अपहरण कर उसके घर वालो से फिरौती की रकम 30 लाख रूपये लेकर उसकी हत्या को झरझरा पुलिखा के पास हरीश साहू के खेत में हार्वेस्टर के चक्के से बने गढ्ढे मे की योजना बनाई थी तथा योजना बनाने के बाद इनके द्वारा लगातार शिवांग चंद्र क गतिविधी व आने जाने के समय पर निगाह रखी जा रही थी।

 उसी के आधार पर तीनो ने मिलकर दिनांक 06.12.2021 को शाम 7:00 बजे से योजनानुसार शिवांग चंद्राकर के घर जाने के समय छिपकर इंतजार कर रहे थे अशोक देशमुख अपनी मो ० सा ० को पंप हाउस के पास खडी कर रोड पर ही इंतेजार कर रहा था । विक्की और बसंत साहू नहर नाली मे छुपे हुऐ थे जैसे ही 7:30 बजे के करीब शिवांग चंद्राकर अपनी मो ० सा ० मे फार्म हाउस के तरफ से आया वैसे ही रोड पर खडे अशोक देशमुख ने उसे रुकवाकर केनालपारा तक छोड़ने के लिए कहा और उसके मो. सा. के पीछे बैठ गया और बैठते ही दोनो हाथो से उसे कसकर पकड़ लिया और नहर नाली मे छिपे विक्की और बसंत भी दौडते हुए आये और अपने पास रखे जानवर बाधने की नायलोन की रस्सी को शिवांग के गले में लपेटकर बांध दिये आवाज करने से पकडे जाने के डर से रस्सी को खिचकर कस दिये जिससे गला छूट जाने से मौके पर ही शिवांग की मृत्यु हो गई उसी समय चंदखुरी केनालपारा के तरफ से किसी गाडी का लाईट आता हुआ दिखाई दिया जिससे डर कर तीनो मिलकर मृतक शिवांग चंद्राकर के शव को उठा कर नहर नाली मे छिपा दिये और खुद भी छुप गये आने वाले गाडी मे बैठा व्यक्ति कुछ देर शिवांग के मो. सा. के पास रूका और उसके फार्म हाउस के तरफ चला गया और विक्की देशमुख शिवांग के मो. सा. को नदी रोड के तरफ आगे कुछ दूरी पर ले जाकर परिया में खड़ी कर दिया और वापस आ गया,  इसी बीच अशोक देशमुख अपनी कार को लेकर अपने घर से आया और तीनो मिलकर शिवांग चंद्राकर को उठाकर अशोक देशमुख के गाड़ी के डिग्गी में डाल दिये अशोक कार को लेकर शव को दफनाने के पहले से निश्चित किये गये स्थान झरझरा पुल के पास पहुचक गया। विक्की और बसंत मो. सा. से पीछे-पीछे गये शव को तीनों मिलकर गाड़ी से उतर कर हार्वेस्टर के चक्के से बने गढ्ढे में डाल दिये और मिट्टी, पैरा व पत्थर से ढक दिये, शिवांग चंद्राकर के पैंट शर्ट बैग को झरझरा पुलिया के पास अशोक जला दिये, उसके बाद घटना मे प्रयुक्त नायलोन रस्सी मृतक का हेलमेट व मोबाईल को बसंत साहू डोगिंया तालाब में फेंक दिया है । घटना में प्रयुक्त पत्थर व मृतक की चप्पल को विक्की आस - पास के खेत मे फेंक दिया है । 


                 आरोपी का गवाहों की उपस्थिती मे विस्तृत मेमोरेडम कथन लेख कर अन्य आरोपीयो बसंत साहू , अशोक देशमुख को भी पकडकर पृथक - पृथक पूछताछ किया गया जिन्होंने आरोपी विक्की देशमुख के कथन की पुष्टि करते हुए तीनो साथ मिलकर योजना बनाकर मृतक शिवांग चंद्राकर की हत्या का अपराध स्वीकार किये आरोपीयो की निशान देही पर घटना में प्रयुक्त कार , मो. सा. , नायलोन रस्सी , पत्थर , तथा मृतक से संबंधित चप्पल , रस्सी , कपडे , व जले हुए अवशेष जप्त किया गया। 


            उक्त कार्यवाही में निरीक्षक , नरेश पटेल , गौरव तिवारी , उप निरीक्षक डुलेश्वर सिंह चन्द्रवंशी , सउनि अजय सिंह , राधेलाल वर्मा , नरेन्द्र सिंह राजपूत , पूर्ण बहादुर , शमित मिश्रा , प्र . आर . संतोष मिश्रा , चन्द्रशेखर बंजीर , आरक्षक जावेद खान , प्रदीप सिंह , जगजीत सिंग , तिलेश्वर राठौर , धीरेन्द्र यादव , चित्रसेन साहू , केशव साहू , अलाउद्दीन , हीरामन साहू , लव पाण्डेय , मोह , शमीम खान , अनूप शर्मा , शाहबाज खान , पन्नेलाल , संतोष गुप्ता , जुगनू सिंह , उपेन्द्र यादव , पंकज चतुर्वेदी , शोभित सिंहा की भूमिका उल्लेखनीय रही ।