महान गायिका लता मंगेशकर के निधन से पूरे देश में शोक

 


"भारत ने अपनी आवाज खो दी है," 
उपराष्ट्रपतिश्री

 नायडू ने कहा

नई दिल्ली, मुंबई।
असल बात न्यूज़।।

प्रसिद्ध गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। इस सवार सामग्री के निधन से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री उपराष्ट्रपति सहित देश के जाने-माने लोगों ने शोक व्यक्त किया है तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। देश के उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने  'नाइटिंगेल ऑफ इंडिया सिनेमा' के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि "लता जी के निधन में भारत ने अपनी आवाज खो दी है। 

उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने “मैं भारतीय सिनेमा की कोकिला और महान गायिका लता मंगेशकर जी के निधन से बेहद दुखी हूं। लता जी के निधन से भारत ने अपनी आवाज खो दी है, जिन्होंने कई दशकों से अपनी मधुर और उदात्त आवाज से भारत और दुनिया भर में संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। उन्होंने  कहा कि वह वास्तव में एक संगीत रत्न थीं और उन्होंने कई दशकों तक एक रानी की तरह हिंदी सिनेमा पर राज किया था। वह संगीतकारों की पसंदीदा और सबसे अधिक मांग वाली पार्श्व गायिका रही हैं।

1940 के दशक में पार्श्व गायन में अपनी शुरुआत के बाद, उन्होंने 1949 में महल फिल्म में पहली बड़ी सफलता हासिल की। ​​लता जी  आयेगा आनेवाला गीत के साथ रातोंरात गायन सनसनी बन गईं   और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

लता जी को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भाआईरत रत्न से सम्मानित किया गया था, यहां तक ​​कि भारत और विदेशों से प्रशंसा और पुरस्कारों की बाढ़ आ गई थी।

भजनों से लेकर रोमांटिक नंबरों से लेकर देशभक्ति के गीतों तक, उन्होंने हिंदी और अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए हैं।

भारी मन से, मैं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों और भारत और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” 



छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने भारत रत्न, स्वर साम्राज्ञी सुश्री लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने शोक संदेश में कहा है कि स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर के निधन से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके योगदान को भुला पाना मुश्किल है। हम सबकी प्रिय गायिका, जिनके गीतों को सुनकर, मधुरिम सुरों को महसूस कर हम सबसे अच्छा समय बिताते आ रहे, ऐसे अद्वितीय सुरों की महान साधिका लता मंगेशकर जी का 92 वर्ष की आयु में निधन बेहद दुःखद है।उनकी आवाज़ विश्वभर के संगीतप्रेमियों की स्मृतियों में युग-युगांतर यात्रा करेगी। राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित हुए उनके शोकसंतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। 

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री बघेल ने कहा है- स्वर  कोकिला, 'भारत रत्न' आदरणीया लता मंगेशकर जी का निधन बेहद दुःखद और सम्पूर्ण कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।उन्होंने ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति और शोकसंतप्त परिवारजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सुश्री लता मंगेशकर जी के गाये मधुर गीत हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहेंगे। उनकी आवाज़ ही उनकी पहचान है, जो कभी खो नहीं सकती।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुश्री लता मंगेशकर जी ने 30 से ज्यादा भाषाओं में गीत गाए, उनके निधन से भारत ने आज एक रत्न खो दिया है।