स्वरूपानंद महाविद्यालय में विश्व कैंसर दिवस पर कैंसर सर्वे एवं विविध कार्यक्रम

 

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, हुडको, भिलाई में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग तथा गाइडेंस एवं काउंसलिंग सेल के संयुक्त तत्वाधान में वेबीनार, कैंसर सर्वे एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । 

 कार्यक्रम की संयोजिका डॉ शमा ए. बैग ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा की 4 फरवरी को प्रतिवर्ष विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है । यह यूनियन फॉर इंटरनेशनल कंट्रोल की एक पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य  अनुसंधान को बढ़ावा देना, कैंसर को रोकना, रोगियों की देखभाल, सेवा में सुधार एवं समाज में कैंसर के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है । जिससे कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके एवं वैश्विक समुदाय कैंसर के रोकथाम के लिए संगठित हो सके।  इस वर्ष इस का विषय  ‘‘क्लोज द केयर गैप’’ है।


महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने कहा आज हम चाहे कितने ही आधुनिक हो गए हो या हम उन्नति के रथ पर सवार हो, लेकिन सच्चाई तो यह है कि यदि हम जागरूक नहीं हैं, तो कैंसर जैसी बीमारियों पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है । यह जानलेवा बीमारी पूरे विश्व में समस्या का विषय है । इससे लड़ने की जिम्मेदारी ना केवल मरीज की अपितु समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है । हमें डरना नहीं है, अपितु कैंसर पर विजय हासिल करने के लिए विशेषज्ञों के परामर्श एवं सुझावों को अपनाना है ।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह दिवस एक वैश्विक पहल है। जो कैंसर से लड़ने के लिए क्षमता संवर्धन, सभी घटकों का संयोजन एवं कैंसर पीड़ित समुदायों को एकजुट करता है। प्रथम लक्षण दिखते ही यदि हम सचेत रहे तो हम कैंसर को हराकर स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं। 

विषय विशेषज्ञ डॉक्टर फातिमा खान, प्रोफेसर, रुंगटा डेंटल कॉलेज ने “कैच द क्रैब बिफोर इट्स किल यू” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि छोटे से छोटा घाव यदि कुछ समय में ठीक नहीं होता है, तो उसकी जॉॅंच अवश्य करवानी चाहिए। कैंसर परीक्षण आपकी जिंदगी को बचाने में सहायक है, बशर्ते आप उचित समय पर परीक्षण करवाएं । महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के लिए मैमोग्राफी टेस्ट एवं गर्भाशय कैंसर के लिए एचपीवी टेस्ट करवाना चाहिए। उन्होंने निशुल्क कैंसर सूचना केंद्र की भी जानकारी साझा की एवं कहा इस बीमारी से बचकर निकले मरीजों की मदद करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है । उन्होंने कहा आज की युवा पीढ़ी जिनमें तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटका, सुपारी, हुक्का आदि का सेवन करने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इसलिए इस बीमारी में भी वृद्धि हो रही है। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की अहम भूमिका है कि वह समाज में जागरूकता उत्पन्न कर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।

विषय विशेषज्ञ डॉ लक्ष्मी देवांगन ने “इट्स अबाउट फोकसिंग ऑन द फाइट नोट फ्राईट” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा यदि किसी को कैंसर हो जाए तो उसका उपचार कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यून थेरेपी, जीन थेरेपी आदि के माध्यम से संभव है। नई चिकित्सा पद्धति के अनुसार अब रेडिएशन की मदद से चिकित्सा के दौरान शरीर के दूसरे भागों में कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने वर्तमान में प्रचलित नवीन चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराया। 

महाविद्यालय द्वारा कैंसर दिवस पर ऑनलाइन कैंसर सर्वे कराया गया। जिसका विश्लेषण इस प्रकार रहा। 26 प्रतिशत परिवारों में कैंसर से पीड़ित मरीज पाए गए। जिस में मुख्यतः महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर एवं यूट्रस कैंसर सर्वाधिक संख्या में मिले। पुरुषों में ओरल कैंसर, थ्रोट कैंसर, लंग कैंसर, किडनी कैंसर, ब्लड कैंसर की सर्वाधिक मरीज पाई गई। प्रथम चरण में 22 प्रतिशत मरीजों  मैं कैंसर डायग्नोज किया गया। जबकि 12 प्रतिशत मरीजों को द्वितीय चरण में एवं 10 प्रतिशत मरीजों को तृतीय चरण में इस बीमारी की जानकारी मिली। 17 प्रतिशत को कैंसर के अंतिम अवस्था मे इस बीमारी का पता चला। 35 प्रतिशत मरीज उपचार के उपरांत लाभान्वित हुए। 9 प्रतिशत मरीजों को उपचार का फायदा नहीं हुआ एवं 20 प्रतिशत मरीज मृत्यु को प्राप्त हुए।


काउंसलिंग सत्र के दौरान प्राध्यापिका एवं विद्यार्थियों ने अनेक प्रश्न पूछे एवं अपनी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान किया। मुख्य प्रश्न इस प्रकार थे- कैंसर कौन से वायरस से होता है, कैंसर के लक्षण क्या है ,कैंसर के कौन से परीक्षण किए जाने चाहिए, कैंसर किस स्टेज तक क्यूरेबल है, कौन से कैंसर संस्थान उपयुक्त है, महिलाओं में ब्रेस्ट और यूट्रस कैंसर तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं, कैंसर सर्जरी के क्या दुष्प्रभाव हैं, आदि समस्त प्रश्नों के उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिए गए।

इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ शिवानी शर्मा, विभागाध्यक्ष, बायोटेक्नोलॉजी एवं डॉ रजनी मुदलियार, विभागाध्यक्ष केमिस्ट्री, थी। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति की प्रशंसा की। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे। प्रथम स्थान पर रोमिका मानकर बी एड प्रथम सेमेस्टर रही, द्वितीय स्थान कामिनी वर्मा एवं वैदेही बीएससी माइक्रोबायोलॉजी ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान पर पंकज कुमार एवं युक्ति साहू रहे, सांत्वना पुरस्कार प्रियंका एवं अंशु इक्का बी एड प्रथम सेमेस्टर को दिया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शमा अ बैग ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सावित्री शर्मा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षा विभाग की प्राध्यापिका श्रीमती मंजू कनौजिया का विशेष योगदान रहा।