मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालय में भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी- कर्मचारीहोने लगे हैं संक्रमित

 रायपुर ।

 असल बात न्यूज़।। 

राजधानी रायपुर में कोरोना के संक्रमण फैलाव चारों तरफ बड़ी तेजी से हो रहा है। मंत्रालय महानदी भवन और विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन में भी कोरोना के संक्रमण का फैलाव होने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार इंद्रावती भवन में कम से कम 20 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। वहीं महानदी भवन मंत्रालय  में 5 अधिकारियों कर्मचारियों के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद अधिकारियो, कर्मचारियों में चिंता बढ़ती जा रही है। दूसरी लहर के दौरान कोरोना से इंद्रावती भवन और महानदी भवन में कर्मचारियों अधिकारियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। 

पिछले सप्ताह रायपुर जिले में 26 हजार 825 नागरिकों की कोरोना जांच की गई जिसमें 775 पॉजिटिव पाए गए। पॉजिटिविटी रेट 2.89 प्रतिशत् थी तथा दो लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई। वर्तमान में कोरोना का संक्रमण के फैलाव की दर अधिक होने की जानकारी सामने आई  है लेकिन उसकी घातकता कम मानी जा रही है है। ऐसे मैं कहां जा रहा है कि  इससे भयभीत होने की आवश्यकता नहीं हैलेकिन पूरी सतर्कतासजगता और सभी आवश्यक तैयारी बनाए रखने की जरूरत है।  राज्य शासन इस संबंध में पहले से ही सतर्क है तथा  राज्य शासन द्वारा पहले से ही गाईडलाइन दिए गए है। राज्य सरकार के द्वारा कहा गया है कि कोरोना से निपटने के लिए किसी भी प्रकार की धन-राशि या बजट की कमी नहीं है।

 वैसे यहां सरकार का मूड अभी यह दिख रहा है कि कॉमर्शियल एक्टीविटिस पर प्रतिबंध अंतिम अस्त्र के रूप में ही लगाया जाएगा लेकिन सभी नागरिकोंव्यापारियोंसंस्थाओं के लिए  बाजार एवं अन्य सार्वजनिक भीड़-भाड वाले स्थलों पर मास्क अनिवार्य रूप से पहननेसोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखने तथा सेनिटाइजर का उपयोग करने और इसी तरह कोरोना गाईडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की जा रही है।

 रायपुर जिले में एम्स,मेडिकल कॉलेज सहित तीन डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर तथा 10 कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था है। जिले में कोरोना मरीजों के लिए 1482 बेड की व्यवस्था है। जिसमें से 336 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट युक्त, 1146 बेड ऑक्सीजन पाइपलाइन सपलाई युक्त है। 51 आई.सी.यू बेड, 95 एच.डी.यु, 100 वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था है। इसके अलावा 86 निजी अस्पतालों में भी ईलाज का सुविधा है। वर्तमान में केवल प्रतिशत् संक्रमित मरीज अस्पतालों में ईलाज करा रहे है। शेष मरीज होम आईसोलेशन के तहत चिकित्सा सुविधा ले रहे है।

कोरोना के मद्देनजर 50 प्रतिशत उपस्थिति का फार्मूला शीघ्र लागू हो - फेडरेशन

 छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य में कोरोना एवं नये वेरिएंट ओमीक्राॅन के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम हेतु प्रदेश के अधिकारियों एवं  कर्मचारियों को 50 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ शासकीय कार्यालयों के संचालन हेतु दिशा निर्देश जारी करने मुख्य सचिव से गुहार लगाई है।

   फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर  अवगत कराया है कि विगत् 02 वर्षों से कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश के हजारों अधिकारी/कर्मचारी कोरोना वाॅरियर्स की भूमिका निभाते हुये दिवंगत हो गये हैं । प्रदेश में कोरोना पुनः नये वेरिएंट ओमिक्राॅन के साथ पांव पसार रहा है । कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चैन को ताड़ने हेतु अतिशीघ्र आवश्यक कदम उठाये जाने की आवश्यकता है ।

कोरोना प्रसारण की रोकथाम हेतु केन्द्र सरकार एवं अन्य राज्य सरकारों द्वारा शासकीय सेवकों कीे 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ शासकीय कार्यों के संचालन करने दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। प्रदेश के मंत्रालय एवं संचालनालय में हजारों कर्मचारी प्रतिदिन रायपुर से नया रायपुर बस के माध्यम से 30-35 कि.मी. का सफर कर कर्तव्य पर उपस्थित हो रहें हैं, उक्त बसों में क्षमता से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा कार्यालय आने-जाने से कोरोना संक्रमण का विस्फोट होने की आशंका एवं भय कर्मचारियों में व्याप्त है । मंत्रालय एवं संचालनालय के कई शासकीय सेवक कोरोना से संक्रमित हो चुके है।

प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के सुरक्षा एवं प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर को कम करने के उद्देश्य से मंत्रालय एवं संचालनालय के साथ ही प्रदेश भर के शासकीय कार्यालयों में यथाशीघ्र 50 प्रतिशत् उपस्थिति के साथ शासकीय कार्यो  के संचालन करने अनुरोध किया है।