नीरज पाल जीतते हैं तो भिलाई को पहली बार मिलेगा टाउनशिप से महापौर

 भिलाई।

 असल बात न्यूज़।।

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नीरज पाल चुनाव जीतते हैं तो नगर निगम भिलाई को भिलाई टाउनशिप क्षेत्र से पहला महापौर मिलेगा।इस नगर निगम क्षेत्र से अभी तक जो भी महापौर बनता रहा है वे सभी पटरी पार के इलाके की बस्तियों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। भिलाई  निगम में बस्ती इलाकों में ही समस्याएं अधिक हैं और इधर वार्डो की संख्या भी अधिक है, इसलिए राजनीतिक पार्टियां भी इस क्षेत्र से महापौर बनाने को महत्व देती रही हैं। इस बार यह स्थिति बदलती दिख सकती है।

नगर निगम भिलाई के महापौर और सभापति पद के  निर्वाचन के परिणाम कुछ घंटों के भीतर सामने आ जाएंगे। कांग्रेस को यहां पूर्ण बहुमत हासिल है और वह पूरी तरह से आश्वस्त, निश्चित है कि वह यहां अपना महापौर और सभापति बनाने में सफल रहेगी। अब लोग इसके बारे में सोच रहे हैं, विचार कर रहे हैं कि भिलाई टाउनशिप क्षेत्र से यहां पर महापौर बनने से भिलाई नगर निगम को कितना फायदा मिलेगा और यहां के लोगों को कितना अधिक फायदा मिल सकता है। अभी तक ऐसा रहा है कि भिलाई में जो महापौर बनते रहे हैं महापौर बनने के बाद टाउनशिप इलाके में रहने लग जाते रहे हैं लेकिन नीरज पाल टाउनशिप इलाके के ही निवासी हैं।

यहां निगम के चुनाव में इस बार कांग्रेस को टाउनशिप इलाके में एकतरफा जीत भी मिली है। टाउनशिप  इलाके में स्थित यहां के वार्ड क्रमांक 59 से लेकर 70 तक में कांग्रेस को एकतरफा जीत मिली है कांग्रेस के सारे प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। दूसरे किसी पार्टी अथवा निर्दलीय को इन वार्डों में कहीं जीत नहीं मिली है। संभवत इसीलिए लग रहा है कि इस बार कांग्रेस ने टाउनशिप क्षेत्र से महापौर बनाने पर जोर दिया है और महापौर पद के लिए नीरज पाल के रूप में उस क्षेत्र से प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। इस चुनाव में टाउनशिप क्षेत्र में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा का खुर्सीपार, सुपेला  क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन रहा है। इन इलाकों से भाजपा के कई प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है, लेकिन टाउनशिप इलाके में भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

भिलाई नगर निगम के महापौर सभापति का चुनाव भिलाई के लिए काफी बड़ा चुनाव है। यह नगर निगम क्षेत्र दो विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है और यहां पर महापौर पद पर जीत हार राजनीतिक तौर पर काफी मायने रखती है। पहले इस नगर निगम का क्षेत्र 3 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ था नए परिसीमन और अलग रिसाली नगर निगम के गठन के बाद इसका क्षेत्र सीमित हुआ है। इसी के चलते आज नगर निगम में महापौर और सभापति पद का चुनाव हो रहा है तो सुबह से ही यहां आम जनता, राजनीतिक दलों से जुड़े हुए लोगों की भारी भीड़ लगी हुई है और लोग चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं लोगों में चुनाव परिणाम को जाने को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है। बार-बार जमकर नारेबाजी हो रही है। नवनिर्वाचित पार्षदों के बाहर आने पर उनके पक्ष में जमकर नारेबाजी की जा रही है तथा कार्यकर्ताओं के द्वारा उनका स्वागत भी किया जा रहा है।

अब हम दोनों मुख्य राजनीतिक दलों कांग्रेस और भाजपा की बात करते हैं जिनके कई प्रत्याशियों ने बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल कर रही है और वे सब महत्वपूर्ण पद पाने के लिए जोर शोर से दावेदारी कर रहे थे। कांग्रेस के प्रत्याशी वार्ड क्रमांक से चुनाव लड़ने वाले सीजू एंथोनी ने 1570 वोट देकर जीत हासिल की है। Sector 10 से कांग्रेस के प्रत्याशी लक्ष्मीपति राजू को 2573 वोट मिले। वही sector-10 के दूसरे वार्ड से ही कांग्रेस की प्रत्याशी श्रीमती सुभद्रा सिंह ने 1 हजार 532 वोट हासिल कर जीत हासिल की है। महापौर पद के लिए उनके भी दावेदारी थी और वे अभी भिलाई जिला महिला कांग्रेस में अध्यक्ष हैं। सेक्टर 6 पूर्व से कांग्रेस के सेवन कुमार ने 1070 वोट लेकर जीत हासिल की। कांग्रेस ने उन्हें अपील समिति का उम्मीदवार बनाया है। राधा कृष्ण मंदिर वार्ड खुर्सीपार से कांग्रेस के भूपेंद्र यादव ने 2217 वोट हासिल कर जीत हासिल की है। एकांश बन छोड़ने भी बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। उन्हें 2 हजार359 वोट हासिल हुए । भारतीय जनता पार्टी के फरीद नगर क्षेत्र से प्रत्याशी महेश वर्मा ने 2112 वोट ले कर जीत हासिल की। कांग्रेस के वार्ड क्रमांक 7 से प्रत्याशी आदित्य सिंह ने भी बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल की उन्हें 2767 वोट हासिल हुए । 2,000 से अधिक वोट हासिल करने वाले में श्याम नगर वार्ड से भाजपा के प्रत्याशी विनोद चेलक भी शामिल हैं जिन्हें 2283 वोट हासिल हुए। अब कांग्रेस ने जिन्हें सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है गिरवर बंटी साहू की बात करें तो उन्होंने अपने वार्ड रानी अवंती बाई वार्ड कोहका  से कांग्रेस के प्रत्याशी रूप में 3 हजार 488 वोट हासिल किया है। इस पूरे चुनाव में गिरवर बंटी साहू को ही सबसे अधिक वोट मिले हैं। गिरवर साहू ने सीधे मुकाबले में यह बड़ी जीत हासिल की। उनके मुकाबले में भाजपा के प्रत्याशी को 1 हजार 351 वोट मिल सके। यहां तीन हजार से अधिक वोट हासिल करने वाले वे एकमात्र प्रत्याशी हैं।यहां का चुनाव काफी मजेदार रहा है। सेक्टर 2 में कांग्रेस की प्रत्याशी श्रीमती साधना सिंह ने सिर्फ 1 वोट के अंतर से जीत हासिल की है।

नगर निगम भिलाई की पहली महापौर सुश्री नीता लोधी बनी थी। उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता था।2000 के उस चुनाव में नीरज पाल भी चुनाव मैदान में थे और उन्होंने भी जीत हासिल की थी। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विद्या रतन मशीन महापौर बने। मतलब नीरज पाल अपने क्षेत्र से नगर निगम भिलाई के लिए हो रहे पार्षद पद के चुनाव में पहली बार के चुनाव से लगातार जीत हासिल करते आ रहे हैं। यहां भाजपा अब तक श्री भसीन के रूप में  एक बार ही  अपना महापौर बनाने में सफल हुई है। इसके बाद कांग्रेस की श्रीमती निर्मला यादव और उसके बाद देवेंद्र यादव महापौर बने। प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, उस दौरान भी कांग्रेस इस नगर निगम में अपना महापौर बनाने में सफल रही है।

भिलाई में पार्षद के पार्षद पद के चुनाव में कांग्रेस के बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने बड़े वोटों के अंतर से जीत हासिल की है इसलिए कांग्रेस के लिए भी इस चुनाव में महापौर, सभापति पद के लिए अपना उम्मीदवार तय करना आसान नहीं था। कई युवा उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की है। सभी महत्वपूर्ण पद के लिए अपनी दावेदारी कर रहे थे।























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