दुर्ग जिले में 5 अभ्यर्थियों ने अब तक प्रस्तुत नहीं किया है प्रथम लेखा प्रतिवेदन

 नगरीय निकाय चुनाव में व्यय प्रेक्षकों द्वारा सतत् मानिटरिंग


दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।। 

स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ रहे कई अभ्यर्थियों के द्वारा निर्वाचन व्यय का अभिलेख प्रस्तुत करने  में देरी की जा रही है। नगर निगम भिलाई के 3, नगर निगम भिलाई चरोदा के दो अभ्यर्थियों ने निर्वाचन से संबंधित प्रथम लेखा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया है। इन्हें दूसरे लेखा प्रतिवेदन के साथ प्रथम लेखा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की नोटिस दी गई है।

 छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज संध्या 3 बजे विडियों कान्फ्रेसिंग आयोजित कर नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक नगर निगम भिलाई श्री  पूषण कुमार साहू, नगर निगम भिलाई-चरौदा श्री महेश साकल्ले, नगर निगम रिसाली श्री नित्यानंद सिन्हा, नगर पालिका परिषद जामुल एवं नगर पंचायत उतई श्री लारेंस तिर्की से निर्वाचन लड़ने वाले दुर्ग जिले के 720 अभ्यर्थियों से प्राप्त होने वाले प्रथम लेखा प्रतिवेदन के बारे मे जानकारी ली गई। जिसके अनुसार नगर पालिक निगम भिलाई के 318 अभ्यर्थियों में से 3 अभ्यर्थियों द्वारा लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के 147 में से 2 अभ्यर्थियों द्वारा लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है इन्हे नोटिस जारी कर द्वितीय लेखा के साथ प्रथम लेखा प्रस्तुत करने हेतु कहा गया है।

 जिला स्तरीय नोडल ऑफिसर श्री देवेन्द्र चौबे ने बताया गया सभी 720 प्रत्यशियों से द्वितीय लेखा प्रतिवेदन प्राप्त करने के लिए दिनांक 14, 15 एवं 16 दिसम्बर 2021 की तिथि नियत कर सूचना पत्र जारी किया गया है। यह कार्य कल से प्रारंभ हो जायेगा। इस कार्य के लिए व्यय संपरीक्षक दल नगर पालिक निगम भिलाई में लेखाधिकारी श्री राजेश परमार के अधीन 35 कर्मचारी कार्यरत है, नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा में लेखाधिकारी श्री जितेन्द्र ठाकुर के अधीन 21 कर्मचारी कार्यरत है, नगर पालिक निगम रिसाली में लेखाधिकारी श्री राधेलाल तारम के अधीन 17 कर्मचारी कार्यरत है, नगर पालिका परिषद जामुल में लेखाधिकारी श्रीमती सब्रीना सिंह के अधीन 13 कर्मचारी कार्यरत है, नगर पंचायत उतई लेखाधिकारी सुश्री कल्पना हेडाऊ के अधीन 5 कर्मचारी कार्यरत है।

 व्यय संपरीक्षक दल को निर्देशित किया गया है कि अभ्यर्थियों द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत करने के दौरान उनके द्वारा खोले गए कार्यालय का व्यय, सभा, रैली, जनसम्पर्क के दौरान भोजन, नास्ता, माईक, पंडाल, टेंट का व्यय बैनर, पोस्टर, पाम्पलेट, प्रचार वाहन का व्यय, विज्ञापन एवं प्रचार प्रसार से संबंधित आदि समस्त व्यय का हिसाब उन्हे प्रदाय किये गये प्रपत्र-क में देना आवश्यक है।