सांसद विजय बघेल से बातचीत के बाद महिला पुलिस स्वयं सेविकाओं को वेतन मिलने और नियमितिकरण की उम्मीद

 दुर्ग ।

 असल बात न्यूज़ ।। 

गांव-गांव में शासन प्रशासन और आम लोगों के बीच विभिन्न कार्यों में सेतु का काम करने वाली महिला पुलिस स्वयं सेविकाओं को अब नियमित रूप से वेतन मिलने तथा उनके नियमितीकरण की उम्मीद जगी है।इन स्वयं सेविकाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर दुर्ग  लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल से आज मुलाकात की तथा अपनी समस्याओं से अवगत कराया। स्वयंसेवी महिलाओं ने अपनी परेशानियां बताई जिसके बाद सांसद विजय बघेल ने इस मामले में जिले के कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र से तत्काल बातचीत की है तथा पीड़ितों को वेतन दिलाने के साथ उनकी समस्याओ का तत्काल हल निकालने को कहा है। 

उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में इस तरह से काम करने वाली महिला पुलिस स्वयं सेवकों की संख्या चार हजार के आसपास है। इनकी लगभग चार साल पहले भाजपा शासनकाल के दौरान भर्ती  हुई थी। इसके लिए बकायदा विज्ञापन प्रकाशित किया गया था और मेरिट लिस्ट के आधार पर इनका चयन किया गया। उस दौरान राज्य के 2 जिलों दुर्ग और कोरिया को इस प्रोजेक्ट के संचालन के लिए चयन किया गया था तथा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यहां यह योजना चलाई जा रही है। यह महिला पुलिस स्वयंसेविकायें, गांव में होने वाले अपराध की जानकारी देने, टीकाकरण, तथा दूसरे सभी शासकीय कार्य मैं सेविकाओ के रूप में अपना सहयोग प्रदान करती है। जानकारी के अनुसार अभी इन स्वयं सेविकाओं को भुगतान के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

पीड़ित महिलाओं ने सांसद श्री बघेल को बताया कि उनका पेमेंट बीच-बीच में बंद कर दिया जाता है और अभी सिर्फ नाम मात्र का पारिश्रमिक मात्र एक हजार रुपए प्रदान किया जा रहा है। पीड़ित स्वयं सेविकाओं ने बताया कि उन्हें नियमित करने और पारस्परिक में बढ़ोतरी करने का बार-बार आश्वासन दिया गया है, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया है। इससे सभी स्वयं सेविकाओं में आक्रोश व्याप्त है। सांसद विजय बघेल ने जिले के कलेक्टर से बातचीत करते हुए इन स्वयंसेवी सहायिकाओ को पारिश्रमिक के भुगतान के लिए संचित निधि से राशि उपलब्ध कराने को कहा है।  

सांसद विजय बघेल से मुलाकात करने वाली एक महिला पुलिस स्वयंसेविकाओ में श्रीमती शिवकुमारी साहू, पुष्पा खरे, भानु प्रिया साहू, प्रिया महिपाल, रोशनी वर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी।